रायपुर : Raipur Breaking : रायपुर में महापौर पद के लिए जारी राजनीति के बीच, पूर्व महापौर किरणमयी नायक ने एक बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने महिला उम्मीदवारों की भागीदारी और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो महिलाएं पार्टी का झंडा उठाती हैं और जमीन पर काम करती हैं, उनमें से केवल 25 प्रतिशत को ही टिकट मिलता है।
नेताओं की पत्नियां उम्मीदवार कैसे बनती हैं?
किरणमयी नायक ने आरोप लगाया कि नेताओं की पत्नियां केवल पैसों और रसूख के बल पर चुनावी उम्मीदवार बन जाती हैं, जबकि पार्टी के लिए वर्षों तक मेहनत करने वाली महिलाएं उपेक्षित रह जाती हैं।
महिला आरक्षण का मुद्दा उठाया:
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षित पदों पर पार्टी के निचले स्तर की कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, लेकिन ऐसा अक्सर नहीं होता। यह बयान रायपुर के राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर सवाल:
किरणमयी नायक के इस बयान ने राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या वास्तव में मेहनती कार्यकर्ताओं की जगह धन और प्रभाव का बोलबाला है?
राजनीतिक माहौल गरमाया:
उनके इस बयान के बाद रायपुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है।
महापौर की इस जंग में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाता है