रायपुर : Raipur Breaking : छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में सीबीएसई सिलेबस पढ़ाए जाने की बात सामने आई है। इस गड़बड़ी की वजह से राज्य में 5वीं और 8वीं के करीब 2 लाख छात्र असमंजस की स्थिति में फंस गए हैं।
Raipur Breaking : सीजी बोर्ड की मान्यता, लेकिन पढ़ाई सीबीएसई की!
मामला यह है कि राज्य के 7160 निजी स्कूलों में से करीब 70 प्रतिशत स्कूल सीबीएसई का सिलेबस पढ़ा रहे हैं, जबकि उनकी मान्यता छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीजी बोर्ड) की है। इससे न केवल छात्र बल्कि उनके अभिभावक भी भ्रम और धोखे का शिकार हो रहे हैं।
निजी स्कूलों की मनमानी, पेरेंट्स को रखा अंधेरे में
यह खुलासा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कई निजी स्कूल खुद को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त बताकर अभिभावकों से मनमाने ढंग से फीस वसूल रहे हैं, जबकि हकीकत में वे सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है जो सीजी बोर्ड के अंतर्गत परीक्षा देने वाले हैं लेकिन उन्हें पढ़ाई सीबीएसई पैटर्न की करवाई जा रही है।
छात्रों के भविष्य पर संकट
इस गड़बड़ी के चलते 5वीं और 8वीं के 2 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हो सकते हैं।
- परीक्षा पैटर्न अलग होने के कारण छात्रों को दिक्कतें हो सकती हैं।
- अगर समय रहते इस गड़बड़ी को ठीक नहीं किया गया, तो छात्रों को प्रमोशन और मार्कशीट में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
- भविष्य में बोर्ड परीक्षाओं में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
सरकार और शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती
इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहा है कि शिक्षा विभाग और सरकार इस अनियमितता को दूर करने के लिए क्या कदम उठाएगी?
- क्या ऐसे स्कूलों पर कोई कार्रवाई होगी?
- क्या छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सीजी बोर्ड कोई विशेष निर्देश जारी करेगा?
अब इस पूरे मामले पर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की नजरें टिकी हुई हैं।