रायपुर : Raipur Breaking : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखे सवाल उठाए और इस कदम को देरी से लिया गया फैसला बताया।
भूपेश बघेल ने अपनी पोस्ट में लिखा:
"फाइनली! लगातार प्रतिदिन आवाज़ उठाने के बाद 14वें दिन मुख्यमंत्री जी नींद से जागे और आर्थिक सहायता की घोषणा की। हालांकि यह अपर्याप्त है। फिर भी इसके लिए आपका आभार माननीय!
देर आयद! दुरुस्त आयद!
लेकिन इन सवालों पर आपकी चुप्पी कुछ बड़ा इशारा कर रही है। इन सवालों के जवाब आप कब देंगे?"
भूपेश बघेल के उठाए सवाल:

- ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को काम से पहले करोड़ों का भुगतान किसने किया?
- यह भुगतान किसके कहने पर किया गया?
- क्या इस सबके पीछे वही एक "भ्रष्ट" इंजन है जिसके विभाग में सवाल करने पर ED या मौत मिलती है?
- ठेकेदार सुरेश चंद्राकर मुख्यमंत्री निवास आया था या नहीं? यदि आया था तो क्या आपसे मिला था?
सियासी बयानबाजी का दौर शुरू
भूपेश बघेल के इस बयान से राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष ने इसे लेकर मुख्यमंत्री पर सवालों की बौछार कर दी है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार केवल दबाव में आकर फैसले ले रही है और वास्तविक मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री का कदम:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दिवंगत पत्रकार के परिवार को मुआवजा देने की घोषणा को लेकर उनके समर्थकों ने इसे सरकार की संवेदनशीलता और पत्रकारिता के प्रति सम्मान बताया।
विपक्ष का रुख:
विपक्ष का कहना है कि यह निर्णय बहुत देर से लिया गया और मुआवजा अपर्याप्त है। साथ ही, उन्होंने सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाया।
निष्कर्ष:
राजनीतिक गलियारों में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की मृत्यु से जुड़ा यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भूपेश बघेल द्वारा उठाए गए सवालों ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री इन सवालों का जवाब देते हैं या नहीं।