रायपुर : रायपुर रेंज साइबर थाना ने सिम स्वैपिंग, क्रिप्टोकरंसी और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां पुणे, मुंबई, नासिक, दुर्ग, महासमुंद, बिलासपुर और रायपुर से की गई हैं।
कैसे हुआ फ्रॉड?
आरोपियों पर सिम स्वैपिंग के जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे निकालने और उन्हें क्रिप्टोकरंसी व शेयर ट्रेडिंग में फंसाने का आरोप है। इस मॉडस ऑपरेंडी के तहत, आरोपी पीड़ितों के मोबाइल नंबर को स्वैप कर बैंक खाते का एक्सेस प्राप्त कर लेते थे और बड़ी रकम की ठगी करते थे।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
- 9 आरोपी गिरफ्तार: आरोपी महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पकड़े गए।
- 6 लाख रुपये वापस: पीड़ित के बैंक खाते में 6 लाख रुपये की धनराशि वापस कराई गई।
- 4.21 करोड़ होल्ड: एक बैंक खाते में 4.21 करोड़ रुपये होल्ड किए गए हैं।
- 30 करोड़ की जांच: अन्य लेयर के बैंक खातों में 30 करोड़ रुपये की राशि का विश्लेषण जारी है।
प्रमुख स्थान और कार्रवाई:
- पुणे, मुंबई और नासिक: गिरोह का मुख्य ठिकाना, जहां से बड़ी ठगी योजनाएं संचालित की जा रही थीं।
- छत्तीसगढ़ के जिलों: दुर्ग, महासमुंद, बिलासपुर और रायपुर में गिरोह के नेटवर्क का विस्तार पाया गया।
पुलिस की सतर्कता:
रायपुर साइबर थाना ने बड़ी सूझबूझ से इस गिरोह का पर्दाफाश किया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की ठगी से निपटने के लिए पुलिस सतर्कता बढ़ा रही है और साइबर सुरक्षा उपायों को सख्त किया जा रहा है।
आम जनता के लिए चेतावनी:
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंकिंग और मोबाइल डेटा को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
"सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराधियों से बचने के लिए अपने डेटा को गोपनीय रखें।