रायपुर : छत्तीसगढ़ में B.Ed सहायक शिक्षकों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सहायक शिक्षकों ने अब मतदान का बहिष्कार करने का बड़ा ऐलान किया है। इसके लिए वे वोटर ID कार्ड रद्द कराने निर्वाचन कार्यालय तक पहुंचे।
17 दिनों से जारी है प्रदर्शन
19 दिसंबर 2024 से सहायक शिक्षक राजधानी रायपुर के धरना स्थल पर बैठकर लगातार अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। 17 दिनों से जारी इस आंदोलन में शिक्षक सरकार की उदासीनता से आक्रोशित हैं।
सपरिवार मताधिकार छोड़ने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल 2,900 सहायक शिक्षक अपने परिवार सहित मताधिकार का त्याग करने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों को अनदेखा कर रही है और उन्हें मजबूरन यह कठोर कदम उठाना पड़ रहा है।
आंदोलन के अनोखे तरीके
B.Ed सहायक शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कई अलग-अलग प्रकार के आंदोलन कर चुके हैं। हालांकि, अब तक उनकी मांगों पर सरकार का कोई ठोस निर्णय नहीं आया है।
प्रमुख मांगें
सहायक शिक्षक वेतन विसंगति दूर करने और अपने समायोजन की प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार ने चुनाव से पहले किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया है।
क्या है सरकार का रुख?
अब तक इस प्रदर्शन पर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सहायक शिक्षक सरकार से तत्काल वार्ता और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय की अपेक्षा कर रहे हैं।
आंदोलन का असर
- मतदान का बहिष्कार जैसे कदम से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
- शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समुदाय में असंतोष बढ़ रहा है।
- सहायक शिक्षकों का आंदोलन अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बन गया है।
आगे की योजना
B.Ed सहायक शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे आंदोलन जारी रखेंगे। सरकार की प्रतिक्रिया और अगले कदम पर शिक्षकों की निगाहें टिकी हुई हैं।
यह आंदोलन न केवल राज्य की राजनीति बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।