प्रयागराज : Prayagraj Mahakumbh 2025 : विश्व के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई और पूज्य संतों का आशीर्वाद लिया।
संगम स्नान के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा,
"महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। संगम में स्नान करना बहुत बड़ा पुण्य का कार्य है। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे भी यहां आस्था की डुबकी लगाने का अवसर मिला।"
उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारतीय सनातन संस्कृति का जीवंत उदाहरण है, जो दुनिया को संस्कृति, आस्था और एकता का संदेश देता है।
संतों का आशीर्वाद और आध्यात्मिक चर्चा
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी जी महाराज सहित विभिन्न संतों से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। संतों ने उन्हें धर्म और समाजसेवा के प्रति समर्पण बनाए रखने का मार्गदर्शन दिया।
हमारे संवाददाता मनीष यादव की खास बातचीत
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी जी महाराज से हुई विशेष बातचीत में उन्होंने कहा,
"महाकुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने वाला पर्व है। संत समाज के मार्गदर्शन में यह उत्सव मानवता और धर्म के उत्थान के लिए होता है।"
महाकुंभ की भव्यता और प्रशासनिक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महाकुंभ 2025 को ऐतिहासिक और दिव्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सुरक्षा, सफाई और यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया और संतोष व्यक्त किया।
देश-विदेश से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
महाकुंभ में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु संगम स्नान करने पहुंचे हैं। संत-महात्माओं के प्रवचन और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
महाकुंभ में हर दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, जिससे यह भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का भव्य प्रदर्शन बन रहा है।