जांजगीर-नैला नगर पालिका में विशेष बैठक पर सियासत गर्म, बयानबाजी तेज....
जांजगीर-नैला नगर पालिका में एक विशेष बैठक को लेकर सियासत और जुबानी वार-पलटवार तेज हो गया है। बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल बैठक छोड़कर निकल गए, जिसके बाद उपाध्यक्ष, सीएमओ और कुछ पार्षदों की उपस्थिति में बैठक संपन्न हुई। इसके बाद, कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।
नगर पालिका अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल ने कहा कि यह परिषद की अंतिम बैठक थी, जो तीन बजे तक आहूत करनी थी, लेकिन सीएमओ के द्वारा बैठक के एजेंडे को तोड़-मरोड़ कर उपाध्यक्ष से नोटशीट चलवाकर एजेंडा दिया गया था। अध्यक्ष का कहना था कि उन्हें एजेंडा प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिससे बैठक में उनका साथ नहीं दिया।
वहीं, नगर पालिका उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी का कहना था कि अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल बैठक को अधूरा छोड़कर चले गए थे, और उनके लौटने का इंतजार किया गया, लेकिन वह नहीं लौटे। उपाध्यक्ष ने कहा कि अध्यक्ष को बैठक स्थगित करने का अधिकार नहीं था, फिर भी उन्होंने बैठक को निरस्त कर दिया, जो नियम के खिलाफ था। बावजूद इसके, सीएमओ और उपाध्यक्ष सहित कुछ पार्षदों की उपस्थिति में 13 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा हुई और योग्य एजेंडों को पास किया गया।
सीएमओ प्रह्लाद पांडेय का कहना है कि अध्यक्ष को बैठक निरस्त करने का अधिकार नहीं था, फिर भी अध्यक्ष ने बैठक को निरस्त किया, जिसके बाद बैठक फिर से आहूत की गई और एजेंडा पास किया गया।
यह कोई पहला मौका नहीं है जब नगर पालिका की बैठकें निरस्त की गई हैं। कई बार इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और इस सियासी खींचतान के चलते नगर विकास भी प्रभावित हो रहा है।
