Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

PM Modi Seychelles Visit: पीएम मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, भारत-सेशेल्स के बीच 19 बड़े समझौते, बोले - 'अवसरों का सागर बनेगा हिंद महासागर'

Asian News
PM Modi Seychelles Visit: पीएम मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, भारत-सेशेल्स के बीच 19 बड़े समझौते, बोले - अवसरों का सागर बनेगा हिंद महासागर
X

PM Modi Seychelles Visit: पीएम मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च सम्मान, भारत-सेशेल्स के बीच 19 बड़े समझौते, बोले – ‘अवसरों का सागर बनेगा हिंद महासागर’

PM Modi Seychelles Visit: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च सम्मान 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और दुनिया में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए दिया गया। यह किसी विदेशी देश की ओर से पीएम मोदी को मिला 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

हिंद महासागर पर दिया बड़ा संदेश

सेशेल्स यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऐसा हिंद महासागर चाहता है, जहां सुरक्षा, शांति और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि सभी देशों के बीच रिश्ते आपसी सम्मान, भरोसे और सहयोग पर आधारित होने चाहिए। भारत का लक्ष्य हिंद महासागर को अवसरों और विकास का क्षेत्र बनाना है।

भारत और सेशेल्स के बीच 19 अहम समझौते

प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की बैठक में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल भुगतान, कृषि और अंतरिक्ष समेत 19 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। भारत ने सेशेल्स को गश्ती जहाज, नावें, वाहन, एम्बुलेंस, चावल और सीमेंट भी सौंपे।

यूपीआई और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद अब सेशेल्स में भारत की यूपीआई डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नए अस्पताल के निर्माण, जन औषधि योजना और सस्ती दवाओं की उपलब्धता पर भी सहमति बनी है।

समुद्री सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस

दोनों देशों ने समुद्री डकैती, ड्रग तस्करी, अवैध शिकार और सीमा पार अपराधों से मिलकर लड़ने का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूत करेंगे।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019