PM Kisan Scheme : PM मोदी किसानों को देंगे 19वीं किस्त, जानें पूरी जानकारी...

PM Kisan Scheme : PM मोदी किसानों को देंगे 19वीं किस्त, जानें पूरी जानकारी…
PM Kisan Scheme : PM मोदी किसानों को देंगे 19वीं किस्त, जानें पूरी जानकारी…
नई दिल्ली: PM Kisan Scheme : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर, 2024 को पीएम-किसान योजना की 18वीं किस्त वितरित की थी। पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2025 के अंत तक पात्र लाभार्थियों को वितरित की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वितरित की जाएगी। वे 24 फरवरी को कृषि कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए बिहार दौरे पर जाएंगे और उसी दिन पीएम मोदी के द्वारा किसानों के खातों में धनराशि ट्रांसफर की जाएगी।
पीएम किसान योजना भारत सरकार से 100 प्रतिशत फंडिंग वाली एक केंद्रीय योजना है, जिसमें धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। इस योजना के तहत, हर वर्ष 6,000 रुपये की तीन समान किस्तों में 2,000-2,000 रुपये प्रत्येक किस्त के रूप में किसानों के खातों में भेजे जाते हैं। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही मिल रहा है।
PM Kisan Scheme : ई-केवाईसी करने के तरीके:
- ओटीपी आधारित ई-केवाईसी – यह पीएम-किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।
- बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी – यह सेवा कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और राज्य सेवा केंद्र (एसएसके) पर उपलब्ध है।
- फेस ऑथेंटिकेशन आधारित ई-केवाईसी – यह पीएम किसान मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है, जिसे लाखों किसान उपयोग करते हैं।
इन तीन विकल्पों में से किसी एक का चयन करके किसान अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
पीएम किसान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
योग्य लाभार्थियों को आधार कार्ड, नागरिकता का प्रमाण, भूमि के दस्तावेज, बैंक अकाउंट का विवरण और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पात्र किसान पीएम-किसान पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा, वे राज्य सरकार के नोडल अधिकारियों, पटवारियों या राजस्व अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।


