Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Pendra : पेंड्रा में बाघिन का आतंक, वन विभाग अलर्ट...

Pendra : पेंड्रा में बाघिन का आतंक, वन विभाग अलर्ट...
X

Pendra : पेंड्रा में बाघिन का आतंक, वन विभाग अलर्ट…

पेंड्रा : Pendra : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ज्वालेश्वर क्षेत्र में एक बाघिन का आतंक सामने आया है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बाघिन को एक ग्रामीण की पालतू गाय का शिकार करते हुए देखा गया। इस घटना से क्षेत्र के लोगों में डर और चिंता का माहौल है।

5 दिनों में आधा दर्जन जानवरों का शिकार

  • बाघिन का आतंक:
    ज्वालेश्वर क्षेत्र में यह बाघिन अब तक 5 दिनों के भीतर लगभग 6 जानवरों का शिकार कर चुकी है।
  • गाय का शिकार:
    ताजा घटना में बाघिन ने एक ग्रामीण की पालतू गाय को अपना शिकार बनाया।
  • यह घटना वन विभाग के लिए भी चुनौती बन गई है।

Pendra

ग्रामीणों में दहशत

बाघिन के हमलों ने ग्रामीणों को भयभीत कर दिया है।

  • ग्रामीण अपने पालतू जानवरों और खुद की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
  • आसपास के इलाकों में पशुपालकों ने अपनी गाय-भैंसों को घरों में रखना शुरू कर दिया है।
  • बाघिन के लगातार हमलों से क्षेत्र के लोग अपने खेत और जंगलों में जाने से डर रहे हैं।

वन विभाग की प्रतिक्रिया

  • वन विभाग सक्रिय:
    घटना की जानकारी के बाद वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है।
  • बाघिन की निगरानी:
    वन विभाग बाघिन की लोकेशन ट्रैक करने के लिए कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है।
  • ग्रामीणों को सलाह:
    वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल के पास न जाने की सलाह दी है।

पिछली घटनाएं

इससे पहले भी पेंड्रा और आसपास के इलाकों में जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं।

  • इस क्षेत्र में बाघ और तेंदुओं का अक्सर देखा जाना आम बात है।
  • हाल की घटनाओं ने वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर किया है।

क्या है समस्या?

  • घटता जंगल क्षेत्र:
    वनों के सिकुड़ने और इंसानी दखल के कारण वन्यजीव गांवों की ओर बढ़ रहे हैं।
  • शिकार की कमी:
    जंगलों में शिकार की कमी के चलते बाघ जैसे जानवर इंसानी बस्तियों में पालतू जानवरों को निशाना बना रहे हैं।

ज्वालेश्वर क्षेत्र में बाघिन का आतंक ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। वन विभाग को जल्द ही इस मामले में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि इंसानों और जानवरों के बीच संघर्ष को रोका जा सके। साथ ही, ग्रामीणों को सतर्क रहकर वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

बाघिन की गतिविधियों पर नजर रखने और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद है।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019