Panna News : धूल खा रही दिव्यांगजनो के लिए आई ट्राई साइकिले...मूक दर्शक बने जिम्मेदार अधिकारी

Panna News : धूल खा रही दिव्यांगजनो के लिए आई ट्राई साइकिले…मूक दर्शक बने जिम्मेदार अधिकारी
Panna News : धूल खा रही दिव्यांगजनो के लिए आई ट्राई साइकिले…मूक दर्शक बने जिम्मेदार अधिकारी
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पन्ना, शुभम रिछारिया
Panna News : धूल खा रही दिव्यांगजनो के लिए आई ट्राई साइकिले।मूक दर्शक बने जिम्मेदार अधिकारी नही दे रहे ध्यान। जनपद कार्यालय के पीछे कमरे में रखी ट्राई साइकिले कबाड़ में हो रही तब्दील।
Panna News : केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनो के लिए कई प्रकार की महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है। इतना ही नही दिव्यांगजनो की सुविधानुसार उन्हें ट्राई साइकिले व बैटरी से चलने वाले साइकिलों का भी वितरण सरकार द्वारा जनपद पंचायतों के माध्यम से किया जा रहा है।
लेकिन जमीनी स्तर में अधिकारीयो और कर्मचारियों लापरवाही के चलते लाखो रुपये की ट्राई साइकिले व बैटरी वाली ट्राई साइकिले जो दिव्यांगों के लिए आई हुई थी वो धूल खा रही है और बारिश में रखी रखी कबाड़ में तब्दील हो रही है। वही दिव्यांग इन ट्राई साइकिलों को पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे है।
1 बतादे की मामला अजयगढ़ जनपद पंचायत का है जहां दिव्यांगजनो को देने के लिए यह ट्राई साइकिले व बैटरी से चलने वाली ट्राई साइकिलों को मंगवाया गया था लेकिन किन कारणों के चलते उन्हें यह वितरित नही की गई यह तो प्रशासनिक अधिकारी ही जानते है।
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वितरित न होने के वजह से और काफी समय से कमरे में रखे रहने की वजह से यह ट्राई साइकिले जंग खा रही और कबाड़ में तब्दील हो रही है। तो वही दिव्यांग ट्राई साइकिलों को पाने के लिए दर-दर की ठोखरे खा रहे है। वही जब इस पूरे मामले में अतिरिक्त सीईओ से बात की गई
तो उनका कहना था कि जबलपुर की एलएमको कंपनी जिले में आ कर निकायों में सर्वे करती है कि किसको ट्राई साइकिल की आवश्यकता है और किसे बैटरी वाली साइकिल की इस आधार पर निकायों को सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है।
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अजयगढ़ में भी जो ट्राई साइकिले व बैटरी वाली ट्राई साइकिले व्यक्ति विशेष के नाम से आई थी। अब उन्हें क्यों ये वितरित नही की गई इसकी जांच करवाई जाएगी।
बतादें की यहाँ सोचने वाले बात यह है कि जब कंपनी द्वारा व्यक्ति विशेष के नाम से इन ट्राई साइकिलों व बैटरी से चलने वाली साइकिलों को निकायों को दिया गया था तो उनका वितरण संबंधितो को क्यों नही किया गया और दिव्यांगजनों की हिस्से की ट्राई साइकिले व बैटरी से चलने वाली साइकिले रखी रखी कबाड़ में तब्दील हो रही है।


