Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

PAN-Bank Verification: NPCI ने शुरू की नई रियल टाइम पैन-बैंक वेरिफिकेशन सुविधा, जानें टैक्सपेयर्स को कैसे मिलेगा फायदा

PAN-Bank Verification
X

PAN-Bank Verification

PAN-Bank Verification: नई दिल्ली: टैक्स रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और सटीक होने जा रही है। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट पर एक नई सुविधा की शुरुआत की है, जिससे पैन और बैंक अकाउंट का वेरिफिकेशन रियल टाइम में किया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा टैक्सपेयर्स और सरकारी विभागों दोनों को होगा।

PAN-Bank Verification: क्या है यह नई सुविधा

NPCI ने एक सर्कुलर जारी करते हुए जानकारी दी है कि यह सुविधा एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) के जरिए काम करेगी। API एक ऐसा सॉफ्टवेयर ब्रिज है जो दो अलग-अलग सिस्टम को आपस में जोड़ता है। इस तकनीक के जरिए अब टैक्सपेयर्स के पैन नंबर, बैंक अकाउंट स्टेटस और अकाउंट होल्डर के नाम का रीयल टाइम में वेरिफिकेशन संभव होगा। यह वेरिफिकेशन बैंकों के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) से सीधे तौर पर किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और भरोसेमंद होगी।

PAN-Bank Verification: क्यों है यह जरूरी

इस सुविधा का उद्देश्य टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करते समय पैन-बैंक अकाउंट लिंक करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। इससे मैन्युअल गलतियों में कमी, प्रोसेसिंग में तेजी और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। आमतौर पर टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद वेरिफिकेशन स्टेटस अपडेट होने में 10 से 12 कार्यदिवस लगते हैं, लेकिन अब यह प्रक्रिया कहीं अधिक शीघ्र पूरी हो सकेगी।

PAN-Bank Verification: NPCI ने क्या कहा

NPCI ने सभी सदस्य बैंकों से इस API को जल्द से जल्द लागू करने का आग्रह किया है, क्योंकि यह सुविधा भारत सरकार के लिए विशेष रूप से विकसित की गई है। इससे न केवल आम टैक्सपेयर्स को लाभ होगा, बल्कि सरकारी विभागों के लिए भी प्रोसेसिंग और डेटा वेरिफिकेशन में काफी आसानी होगी।

PAN-Bank Verification: टैक्सपेयर्स को होंगे ये 5 बड़े फायदे

  1. रियल टाइम वेरिफिकेशन से वेटिंग टाइम में कटौती।
  2. पैन-बैंक लिंकिंग की प्रक्रिया अधिक सटीक और फास्ट।
  3. रिफंड प्रोसेसिंग में तेजी।
  4. डेटा एंट्री में मानवीय त्रुटियों की गुंजाइश घटेगी।
  5. सिक्योरिटी और ट्रस्ट में इजाफा।

NPCI की इस पहल से भारत की टैक्स प्रणाली और अधिक डिजिटल, सरल और पारदर्शी होती दिख रही है, जिससे करदाताओं को एक बेहतर अनुभव मिलेगा।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019