Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर को स्कूलों में पढ़ाने की उठी मांग, उत्तराखंड से MP तक के नेताओं ने कहा- अगली पीढ़ी को जानना जरूरी है

Dev Verma
Operation Sindoor
X

Operation Sindoor

Operation Sindoor: भोपाल। भारतीय सेना द्वारा हाल ही में किए गए सफल सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अब शिक्षा का हिस्सा बनाने की मांग मध्य प्रदेश में जोर पकड़ रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के प्रमुख नेताओं ने इस ऐतिहासिक सैन्य अभियान को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का समर्थन किया है। उनका मानना है कि इससे छात्र न केवल देशभक्ति और सैन्य पराक्रम को समझ सकेंगे, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व से भी परिचित होंगे।

Operation Sindoor: उत्तराखंड की पहल बनी प्रेरणा

इस मांग को बल उस समय मिला जब उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने पहले ही ऑपरेशन सिंदूर को अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया। इसके बाद मध्य प्रदेश में इस विषय पर चर्चा ने गति पकड़ ली है।

Operation Sindoor: सांसद और विधायकों ने रखा पक्ष

भोपाल से भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर हमारे वीर सैनिकों की शौर्यगाथा है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। बच्चों को पता होना चाहिए कि किस तरह भारतीय सेना ने सीमापार आतंक के ठिकानों को चंद मिनटों में नष्ट कर दिया।”

वहीं, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, “जब देशभर में सिंदूर विजय उत्सव और तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं, तो यह समय है कि इस ऐतिहासिक विजय को स्कूली किताबों में स्थान मिले।”

Operation Sindoor: कांग्रेस ने भी दिया समर्थन

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भी इस मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की एकता, साहस और नेतृत्व का परिचायक है। इस अभियान में महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका और कुछ नेताओं द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणियों के खिलाफ न्यायिक हस्तक्षेप जैसे पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे बच्चों को समग्र और तथ्यात्मक शिक्षा मिल सके।”

Operation Sindoor: राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव की ओर संकेत

राज्य के इन नेताओं की एकजुट मांग से संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अब ऐसे विषयों को पाठ्यक्रम में लाने पर गंभीर विचार किया जा सकता है, जो युवाओं को देश के समकालीन इतिहास और सैन्य पराक्रम से अवगत कराएं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019