Noida Protest
Noida Protest: नई दिल्ली: नोएडा में निजी कंपनियों के कर्मचारियों के हिंसक प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर स्थिति पर जानकारी दी। कमेटी ने बताया कि मजदूरों की नाराजगी वेतन से जुड़ी समस्याओं के कारण बढ़ी, लेकिन हालात तब बिगड़े जब एक फर्जी खबर तेजी से फैल गई।
फेक न्यूज ने भड़काया मामला
कमेटी के अनुसार, सोशल मीडिया पर यह गलत जानकारी फैलाई गई कि केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए ₹20,000 न्यूनतम वेतन तय कर दिया है। इस अफवाह ने मजदूरों को उकसाया, जिसके चलते प्रदर्शन हिंसक हो गया और कई जगह आगजनी व तोड़फोड़ हुई।
सरकार ने किया संतुलन बनाने का प्रयास
उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग के प्रमुख सचिव शनमुगा सुंदरम एमके ने बताया कि सरकार ने मजदूरों और उद्योगपतियों दोनों से बातचीत की है। करीब दो घंटे की बैठक में सभी पक्षों की समस्याओं को समझकर संतुलित समाधान निकालने की कोशिश की गई है। वहीं, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि सैकड़ों लोगों से बातचीत के बाद जरूरी सिफारिशें तैयार की गई हैं।
मजदूरों के लिए बड़े ऐलान
गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बताया कि मजदूरों की मुख्य मांग को स्वीकार करते हुए कई फैसले लिए गए हैं। अब मजदूरी हर महीने की 10 तारीख से पहले खाते में जमा होगी। ओवरटाइम और छुट्टी के दिन काम करने पर दोगुना वेतन मिलेगा। साथ ही, हर साल नवंबर से पहले बोनस दिया जाएगा।
शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने सभी औद्योगिक इकाइयों में यौन उत्पीड़न-रोधी समितियां बनाने और शिकायत पेटियां लगाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे हिंसा से दूर रहें और किसी भी समस्या के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
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