Noida Engineer Death Case : नोएडा। नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोटस ग्रीन के बिल्डर निर्मल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कर दिया है। पुलिस लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन बिल्डर अभी तक गिरफ्त से दूर हैं। युवराज की मौत के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले इस मामले में दो बिल्डरों को गिरफ्तार किया गया और दो बिल्डर ऑफिस को सील किया गया था।
Noida Engineer Death Case : सीएम योगी के निर्देश और एसआईटी जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई थी, जिसे पांच दिनों में पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया। एसआईटी को नोएडा प्राधिकरण ने युवराज की मौत और हादसे से जुड़े सात महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी। इसमें स्पोर्ट्स सिटी के 21 प्लॉट्स के आवंटन, ओसी और सीसी की तिथियां और शर्तें, सड़क सुरक्षा उपाय, पानी और सीवर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता, पजेशन की स्थिति और हादसे के बाद उठाए गए प्रशासनिक कदमों का पूरा ब्यौरा शामिल है।
Noida Engineer Death Case : एसआईटी द्वारा पूछे गए सवाल
एसआईटी ने डिजास्टर मैनेजमेंट और घटना प्रतिक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। इनमें कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच समन्वय का स्तर, सूचना मिलने के बाद उठाए गए कदम, मौके पर तैनात टीमों की स्थिति, वॉर रूम की भूमिका और इमरजेंसी प्रक्रियाओं का विवरण शामिल है। जिला प्रशासन ने इन सभी सवालों का दस्तावेज़ी ब्योरा एसआईटी को सौंप दिया है।
Noida Engineer Death Case : पुलिस का कहना है कि निर्मल सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी रहेगी और जैसे ही वह पकड़ में आएंगे, मामले में और ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आरोपियों के अन्य नेटवर्क, स्रोत और संदिग्ध ठिकानों की भी जांच चल रही है, जिससे इस तरह के रैकेट को जड़ से खत्म किया जा सके।
