Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

New Labour Overtime Rules: अब 8 घंटे से ज्यादा काम करना माना जाएगा ओवरटाइम, एक्स्ट्रा काम करने पर कंपनी को कितनी देनी होगी सैलरी ? जानें नए रूल्स

Asian News
New Labour Overtime Rules
X

New Labour Overtime Rules

New Labour Overtime Rules: नई दिल्ली: भारत में लागू हो रहे नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों के ओवरटाइम को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब कंपनियों के लिए यह अनिवार्य होगा कि तय कार्य अवधि (आमतौर पर 8 या 9 घंटे) से अधिक काम कराने पर कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान दिया जाए। यह नियम कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त श्रम का उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

दोगुना मिलेगा ओवरटाइम का पैसा
नए प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय से अधिक काम करता है, तो उसे प्रति घंटे के हिसाब से सामान्य वेतन का कम से कम दोगुना भुगतान करना होगा। यानी अगर कर्मचारी एक घंटा अतिरिक्त काम करता है, तो उसे दो घंटे के बराबर वेतन मिलेगा। कंपनियां इस नियम को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं।

बेसिक सैलरी के आधार पर होगा हिसाब
ओवरटाइम की गणना कुल सीटीसी (CTC) के आधार पर नहीं, बल्कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी के आधार पर की जाएगी। सबसे पहले बेसिक सैलरी से एक दिन की आय निकाली जाती है, फिर उसे कार्य घंटों (8 या 9 घंटे) से विभाजित कर प्रति घंटे की दर तय की जाती है।

उदाहरण से समझें पूरा गणित
-मान लीजिए किसी कर्मचारी की कुल सैलरी 30,000 रुपये है, जिसमें 15,000 रुपये बेसिक सैलरी है।
-15,000 रुपये को 26 कार्य दिवसों से विभाजित करने पर एक दिन की सैलरी करीब 577 रुपये होगी।
-यदि एक दिन में 8 घंटे काम होता है, तो प्रति घंटे की आय लगभग 73 रुपये होगी।
-नए नियम के अनुसार, ओवरटाइम के लिए इसका दोगुना यानी 146 रुपये प्रति घंटा मिलेगा।

-यदि कोई कर्मचारी पूरे महीने रोज 1 घंटा अतिरिक्त काम करता है, तो उसे करीब 3,700 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।

कर्मचारियों के लिए राहत, कंपनियों पर जिम्मेदारी
यह नया नियम कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे जहां कर्मचारियों को उनके अतिरिक्त काम का उचित भुगतान मिलेगा, वहीं कंपनियों को भी श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करना होगा।

क्या ध्यान रखें कर्मचारी
कर्मचारियों को अपनी सैलरी स्ट्रक्चर, खासकर बेसिक पे की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे अपने ओवरटाइम का सही हिसाब लगा सकें। अगर कंपनी ओवरटाइम का भुगतान नहीं करती, तो कर्मचारी संबंधित विभाग में शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019