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New Chief Justice of India : जस्टिस भूषण गवई होंगे देश के 52वें CJI, जस्टिस संजीव खन्ना ने की सिफारिश...

Dev Verma
New Chief Justice of India : जस्टिस भूषण गवई होंगे देश के 52वें CJI, जस्टिस संजीव खन्ना ने की सिफारिश...
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New Chief Justice of India : जस्टिस भूषण गवई होंगे देश के 52वें CJI, जस्टिस संजीव खन्ना ने की सिफारिश…

New Chief Justice of India : नई दिल्ली। देश को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) मिलने जा रहा है। वर्तमान CJI जस्टिस संजीव खन्ना ने बुधवार को केंद्र सरकार को पत्र भेजकर जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई को अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की औपचारिक सिफारिश की है। जस्टिस खन्ना 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद जस्टिस गवई 52वें CJI के रूप में शपथ लेंगे। उनका कार्यकाल 6 महीने से अधिक का होगा और वे 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त होंगे।

New Chief Justice of India : न्यायिक सेवा में 40 वर्षों का अनुभव
जस्टिस भूषण गवई का न्यायिक सफर अनुकरणीय रहा है। उन्होंने 16 मार्च, 1985 को वकालत की शुरुआत की थी और नागपुर नगर निगम समेत कई संस्थानों के स्थायी वकील के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 1992-93 में वे बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच में सहायक सरकारी वकील बने और वर्ष 2000 में उन्हें सरकारी वकील नियुक्त किया गया।

New Chief Justice of India : 14 नवंबर, 2003 को उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया और 12 नवंबर, 2005 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। इसके बाद 24 मई, 2019 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

New Chief Justice of India : ऐतिहासिक फैसलों में अहम भूमिका
जस्टिस गवई सुप्रीम कोर्ट में कई संवेदनशील और ऐतिहासिक मामलों में पीठ का हिस्सा रहे हैं। इनमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति को संवैधानिक करार देने वाली पांच जजों की पीठ, चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करने वाला फैसला, और 2016 की नोटबंदी की संवैधानिकता को मंजूरी देने वाले निर्णय शामिल हैं। इसके अलावा, वे उस सात न्यायाधीशों की पीठ में भी शामिल रहे, जिसने अनुसूचित जातियों के उप-वर्गीकरण का अधिकार राज्यों को देने की बात कही थी।

New Chief Justice of India : सामाजिक न्याय की दिशा में नया अध्याय
जस्टिस गवई की नियुक्ति सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय में CJI पद पर पहुंचने वाले कुछ चुनिंदा दलित समुदाय के न्यायाधीशों में से एक होंगे।


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