Nagpur Factory Blast: एसबीएल एनर्जी के सीईओ व भाई की तलाश तेज, देवेंद्रनगर में नागपुर पुलिस की दबिश
Nagpur Factory Blast: रायपुर/नागपुर। नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में विस्फोटक निर्माता एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज हो गए हैं।
Nagpur Factory Blast: नागपुर पुलिस की विशेष टीम स्थायी गिरफ्तारी वारंट की तामील के लिए रायपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों के आवास तथा कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में दबिश दी। हालांकि, दोनों आरोपी वहां नहीं मिले और फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
Nagpur Factory Blast: रायपुर के सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि नागपुर पुलिस की टीम कोर्ट से जारी स्थायी वारंट के आधार पर कार्रवाई करने रायपुर आई थी। देवेंद्रनगर थाना पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन दोनों का पता नहीं चल सका। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Nagpur Factory Blast: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नागपुर फैक्ट्री विस्फोट मामले में कंपनी के सीईओ, उनके भाई समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ पहले से ही गैर-इरादतन हत्या, साक्ष्य छिपाने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
Nagpur Factory Blast: 1 मार्च 2026 को हुआ था विस्फोट, 23 कर्मचारियों की हो गई थी मौत
बता दें कि 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित एसबीएल एनर्जी के गोला-बारूद एवं डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर कंपनी प्रबंधन की भूमिका की पड़ताल की थी।
Nagpur Factory Blast: बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद 23 मार्च 2026 को कलमेश्वर कोर्ट ने आलोक चौधरी और संजय चौधरी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके साथ ही दोनों के विरुद्ध लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी किया जा चुका है।
Nagpur Factory Blast: अमेरिका से प्रतिबंध लगने के बाद तेज हुई कार्रवाई
इस बीच, हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान कथित रूप से विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति के आरोप में एसबीएल एनर्जी और उसके सीईओ पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कार्रवाई के बाद नागपुर पुलिस ने भी पुराने मामले में गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज कर दी है।

