Mumbai Office Timing Change: मुंबई लोकल में भीड़ से राहत के लिए बदल सकते हैं ऑफिस टाइमिंग, सरकार कर रही विचार
Mumbai Office Timing Change: मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली लोकल ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संकेत दिया है कि जल्द ही सरकारी और निजी कार्यालयों के कार्य समय में लचीलापन लाया जा सकता है, जिससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दबाव कम किया जा सके।

टाइमिंग शिफ्ट का प्रस्ताव
सरनाईक ने कहा कि सुबह 8 से 10 और शाम 6 से 8 के बीच लोकल ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ रहती है, जो यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। सरकार का मानना है कि अगर ऑफिस टाइमिंग में आधे से एक घंटे तक का अंतर दिया जाए तो भीड़ को संतुलित किया जा सकता है। उन्होंने बताया उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कार्यालय का समय 10 बजे है, तो उसे 10 से 5 या 11 से 6 का विकल्प मिल सकता है।
हालिया हादसा बना बदलाव की वजह
5 जून को एक दुखद ट्रेन हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे। यह घटना सरकार के लिए चेतावनी बन गई। सांसद श्रीकांत शिंदे की पहल पर घायलों को बेहतर इलाज के लिए सरकारी से निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।

टैक्सी सेवा पर सख्ती
सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अन्य विकल्पों को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। अवैध रूप से चल रही ओला-उबर जैसी कैब सेवाओं पर कार्रवाई करते हुए अब तक 72 गाड़ियाँ जब्त की जा चुकी हैं और 138 जगहों पर छापेमारी हुई है। सरनाईक ने स्पष्ट किया, "राज्य सरकार की अनुमति के बिना चलने वाले सभी वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
निजी कंपनियों से भी सहयोग की अपील
सरकार सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि निजी कंपनियों से भी अपील करेगी कि वे अपने कर्मचारियों के ऑफिस समय में लचीलापन दें ताकि ट्रेनों पर एक समय में अत्यधिक भीड़ न हो। सरनाईक ने इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी बताया।



