Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Muharram Tajiya Juloos 2024 : हजरत इमाम हुसैन की याद में दौसा शहर में निकले ताजिये

Uma Verma
Muharram Tajiya Juloos 2024
X

Muharram Tajiya Juloos 2024

विष्णु आशीर्वाद

Muharram Tajiya Juloos 2024 : दौसा : हजरत इमाम हुसैन की याद में दौसा शहर में निकले ताजिये ,

देर रात नागौरी मोहल्ला व शेखान मोहल्ले से ढोल और तासो की धुनों के साथ निकले ताजिए,

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ताजा के सामने मांगी मन्नते,

देर रात दोनों ताजा पहुंचे किला सागर,

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दिखाए हैरतअंग्रेज करतब,

ताजा के जुलूस में बड़ी संख्या में महिला पुरुष बच्चे हुए शामिल,

दौसा में हिंदू मुस्लिम सौहार्द के प्रतीक है ताजिये,

हिंदू समुदाय के लोग भी तजिये की लगाते हैं बैठक,

मुस्लिम समुदाय के पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की

शहादत की याद में दौसा शहर में देर रात ताजिया निकाले गए।

दौसा शहर में हिंदू मुस्लिम सौहार्द की निशानी भी है ताजिए ।

दौसा शहर के नागौरी मोहल्ला व शेखान मोहल्ले से ताजिए ढोल

ताशा की धुनों के साथ शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए किला सागर पहुंचे।

इस दरमियान हिंदू समुदाय के लोगों के द्वारा ताजीये की बैठक लगाकर

सामाजिक सौहार्द की मिसाल पेश की जाती है और ताजिये के सामने

हिंदू समुदाय के लोग मन्नत भी मांगते हैं। आधी रात के बाद दोनों ताजिए

Muharram Tajiya Juloos 2024

किला सागर मैदान पहुंचते हैं। जहां पर मुस्लिम समुदाय के लोगों के

द्वारा हैरत अंग्रेज करतब दिखाए गए ।मुस्लिम समुदाय के द्वारा रात

को निकाले जाने वाले ताजिया के जुलूस को कत्ल की रात कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हजरत इमाम हुसैन युद्ध में लड़ते हुए शहीद हो गए थे।

उनकी याद में मुस्लिम समुदाय के द्वारा हर वर्ष ताजिया निकले जाते हैं ।

ताजा के जुलूस में महिला पुरुष बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

ताजिया दोसा शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए रात को किला सागर

पहुंचकर वापस अपने स्थान नागौरी मोहल्ला और शेखान मोहल्ला में आते हैं ।

बुधवार को दोनों ताजियों को करबला में सुपुर्दे खाक किया जाएगा।

ताजा के जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे ।

बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019