MP News : मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के आसपास बाघों की बढ़ती गतिविधियां अब ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। ताजा मामला पन्ना टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे ग्राम इटवा कला का है, जहां बकरी चराने गए एक नाबालिग पर बाघ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में नाबालिग की भाभी की बहादुरी से उसकी जान बच गई।
घटना का विवरण
ग्राम इटवा कला के निवासी लोकेंद्र आदिवासी (10 वर्ष) जंगल में बकरी चराने गए थे। झाड़ियों के पीछे छिपे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। पास में खड़ी उनकी भाभी ने चीख-पुकार और पत्थर फेंककर बाघ को वहां से भगाया।
ग्रामीणों की तत्परता
घायल नाबालिग को खून से लथपथ हालत में आसपास मौजूद लोगों ने कंधे पर उठाकर गांव पहुंचाया। घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग को जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया गया।
नाबालिग की स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार, नाबालिग के सीने और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल वह चिकित्सकों की देखरेख में है और उसका इलाज जारी है।
MP News : बाघों की बढ़ती गतिविधियां
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में हुई वृद्धि के कारण बाघ अब जंगलों की सीमा से बाहर निकलकर सड़कों और गांवों में पहुंच रहे हैं। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है, और वे सूरज ढलते ही घर से बाहर निकलने से बचते हैं।
वन विभाग का हस्तक्षेप
वन विभाग ने घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। इस क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पन्ना में बाघों की बढ़ती संख्या और उनकी जंगल से बाहर की गतिविधियां मानव-वन्यजीव संघर्ष का संकेत देती हैं। यह घटना न केवल ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और उनकी सीमा को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता को भी उजागर करती है।