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MP News : वन्य जीवों के पुनर्स्थापन में मप्र बन गया है देश का आदर्श माडल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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MP News : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध वन सम्पदा का अनुपम केन्द्र है। नदियों के मायके के रूप में ख्याति पा चुके मध्यप्रदेश में वन्यजीवों की कोई कमी नहीं है। फिर भी मध्यप्रदेश की धरती को नाना प्रकार के वन्यजीवों से समृद्ध करने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्स्थापन इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।

MP News : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का दिन इतिहास के लिए बड़ा अलग प्रकार का है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2022 से एक अद्वितीय निर्णय हुआ जब समूचे एशिया से चीता गायब हो गए थे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने 2022 में मध्यप्रदेश को चीतों का नया घर बनाने का जो निर्णय लिया आज उसकी अगली कड़ी में बोत्सवाना में राष्ट्रपति जी को जो उपहार में चीते मिले, वो चीतों का आज पुनः बसाहट का काम हुआ और आनंद की बात यह है कि 8 चीते देने की बात की थी और 9वां चीता भी लेकर के आए। आज की स्थिति में इन 9 चीतों को मिलाकर मध्यप्रदेश में अब 48 चीते हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को स्टेट हैंगर पर मीडिया से चर्चा में जानकारी दी।

MP News : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध के बेहतर परिणाम आए हैं कि हमने अपने वन्यप्राणी चीतों की बसाहट के लिए दुनिया के सामने एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार से भारत में चहुंमुखी प्रगति प्रतिभा और चहुंमुखी विकास के दर्शन हो रहे है ऐसे प्रकृति का भी एक बहुत अनुपम उदाहरण बना है

MP News : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का अभिनंदन करता हूँ। मध्यप्रदेश की धरती पर ऐसे कई और प्रयोग हम लगातार करने वाले हैं। आने वाले समय में असम से जंगली भैंसे आयेंगे। कल घड़ियाल और कछुए को हम छोड़ने वाले हैं। ऐसे सभी प्रकार के वन्य प्राणियों के साथ सभी प्रकार के थलचर, जलचर, नवचर, कुछ दिन पहले गिद्ध छोड़कर अपने देश के अंदर के गिद्धों का और एशिया महाद्वीप से आगे बढ़कर रशिया से आगे आने वाले गिद्ध को भी हमने अपने यहां छोड़कर, उन संबंधों के साथ प्रकृति के साथ रिश्ता बनाने का प्रयास किया है।


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