रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन में किया ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन, पहली बार मध्य प्रदेश में बनेंगे वंदे भारत और मेट्रो के कोच
MP News: भोपाल/रायसेन। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को रायसेन के उमरिया गांव में ब्रह्मा परियोजना का भूमिपूजन किया है। रायसेन के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा। इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यहां वंदे भारत और मेट्रो ट्रेनों के कोच तैयार होंगे।
MP News: यहां हो रही रोजगार की बारिश: सीएम मोहन यादव
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सावन में बारिश के साथ यहां रोजगार की बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि फरवरी में बीईएमएल ने जमीन देखी और अगस्त में भूमिपूजन हो रहा है। दो दिन में 3600 करोड़ के शिलान्यास लोकार्पण यहां हो चुके हैं। परियोजना में 5000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहे भोपाल क्षेत्र को इस परियोजना से बहुत लाभ होगा।
MP News: बीईएमएल रायसेन में लगाएगी प्लांट
भारत सरकार की बड़ी कंपनियों में से एक भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) रायसेन के उमरिया में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत देश की प्रीमियम ट्रेनों वंदे भारत, अमृत भारत और मेट्रो कोच का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 1800 करोड़ रुपए है। इस प्रोजेक्ट को ब्रह्मा नाम दिया गया है। इस कंपनी से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा और अहम कदम है।
MP News: मध्यप्रदेश में पहली बार बनेंगे रेलवे कोच
बता दें कि, बीईएमएल इस प्रोजेक्ट की स्थापना रायसेन जिले के गांव उमरिया में कर रही है। इस प्रोजेक्ट में 5000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खास बात है कि यह पहला मौका है जब इस प्रकार के रेलवे कोच निर्माण की सुविधा मध्यप्रदेश को मिलने जा रही है। यह राज्य को देश के रेलवे प्रोडक्शन मैप पर अहम स्थान दिलाएगा।
MP News: शुरुआत में 125-200 कोचों का निर्माण
बीईएमएल इस क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपए की लागत से वंदे भारत, अमृत भारत, मेट्रो कोच का निर्माण करेगी। शुरुआत में कंपनी सालाना 125-200 कोचों का निर्माण करेगी। 5 साल के अंदर इनकी संख्या 1100 कोच होगी। इस प्रोजेक्ट से भोपाल और रायसेन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर छोटे उद्योगों का निर्माण होगा। ये उद्योग आने वाले समय में बीईएमएल को प्रोडक्शन का मटेरियल बनाकर सप्लाई करेंगे।
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