मध्य प्रदेश के गुना जिले के पिपलिया गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे पतंग उड़ाते समय एक बच्चा बोरवेल के गड्ढे में गिर गया। घटना के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम मौके पर पहुंची। रातभर चले 15 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, रविवार सुबह बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला गया।
अस्पताल में तोड़ा दम
बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर से पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई।
हादसे के बाद सवाल
यह घटना एक बार फिर बोरवेल सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। खुले बोरवेल लोगों के लिए, खासकर बच्चों के लिए, बड़ा खतरा बने हुए हैं। प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
सावधानी की अपील
गांव के निवासियों और किसानों से अपील की गई है कि खुले बोरवेल को ढककर रखें और ऐसे हादसों से बचने के लिए सतर्क रहें।
इस हादसे ने सभी को झकझोर दिया है और सुरक्षित उपायों की जरूरत को फिर से उजागर किया है।