MP Best of Five Scheme
भोपाल : MP Best of Five Scheme : मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) ने बेस्ट ऑफ फाइव योजना को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है, जो छात्रों के लिए राहत की बात है।
- अप्रैल 2024 में इस योजना को रद्द किया गया था, लेकिन अब इसे पुनः लागू किया गया है।
- इस योजना के तहत, 10वीं बोर्ड के छह प्रश्नपत्रों में से पाँच में पास होने वाले छात्र पास माने जाएंगे।
- छात्रों को इन पांच विषयों में न्यूनतम पासिंग मार्क्स (आमतौर पर 33%) लाने होंगे।
- यदि किसी छात्र का एक विषय कमजोर है, तो वह अन्य पांच विषयों में अच्छे अंक लाकर पास हो सकता है।
- इस योजना का उद्देश्य छात्रों का मानसिक तनाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के अवसर प्रदान करना है।
मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) ने बेस्ट ऑफ फाइव योजना को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है, जो 10वीं बोर्ड के छात्रों के लिए राहत की खबर है। इस योजना के तहत छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने के अधिक मौके मिलेंगे।
योजना के प्रमुख बिंदु:
- छह विषयों में से पांच विषयों में पास होने पर छात्र पास माने जाएंगे:
- 10वीं बोर्ड के छात्रों को कुल छह विषयों में से पाँच विषयों में पास होने पर पास माना जाएगा।
- छात्र को इन पाँच विषयों में से न्यूनतम पासिंग मार्क्स (आमतौर पर 33%) लाने होंगे।
- कमजोर विषय में सुधार:
- अगर किसी छात्र का एक विषय कमजोर है या वह उसमें पास नहीं हो पाता, तो वह अन्य पाँच विषयों में अच्छे अंक लाकर कुल मिलाकर पास हो सकता है।
- इस योजना का उद्देश्य छात्रों को तनाव मुक्त करने के लिए बनाया गया है ताकि वे एक विषय में न फंसकर अपनी ताकत अन्य विषयों में लगा सकें।
- मानसिक तनाव को कम करना:
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों का मानसिक तनाव कम करना है, जिससे वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
- यह योजना छात्रों को अधिक मौके देती है, ताकि वे न सिर्फ एक कमजोर विषय से परेशान न हों, बल्कि अन्य विषयों में अपने अच्छे अंक के साथ पास हो सकें।
- अप्रैल 2024 में रद्द किया गया था:
- इस योजना को पहले अप्रैल 2024 में रद्द कर दिया गया था, लेकिन छात्रों के फीडबैक और मानसिक तनाव को देखते हुए इसे पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है।
छात्रों को मिलेगा अधिक मौका:
इस योजना के लागू होने से छात्रों को अतिरिक्त अवसर मिलेगा और वे अपनी पढ़ाई में सही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इस निर्णय से छात्रों को परीक्षा की तैयारी में अधिक आत्मविश्वास मिलेगा, क्योंकि वे अधिक विषयों में बेहतर अंक प्राप्त करने पर जोर दे सकते हैं।

