Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर हमले की पूरी प्लानिंग, 45 मिनट तक किया इंतजार; 10 दिन पहले मुंबई आए थे आरोपी
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी 10 दिन पहले मुंबई पहुंचे थे और जुहू फुटबॉल ग्राउंड के बाहर करीब 45 मिनट तक अभिनेता का इंतजार किया था।

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच के दौरान साजिश से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले अभिनेता की दिनचर्या पर नजर रखी थी। उन्हें पता था कि टाइगर हर रविवार को जुहू फुटबॉल ग्राउंड में खेलने जाते हैं। इसी जानकारी के आधार पर आरोपी 18 अक्टूबर को मैदान के बाहर पहुंचे और अभिनेता के बाहर आने का इंतजार करने लगे।
18 अक्टूबर को कैसे हुई पूरी वारदात?
जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ शाम करीब 5 बजे फुटबॉल खेलने के लिए जुहू फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे थे। इसके बाद शाम करीब 6:15 बजे तीनों आरोपी मैदान के बाहर पहुंच गए। वे करीब 45 मिनट तक अभिनेता के बाहर निकलने का इंतजार करते रहे।
शाम करीब 7 बजे टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद मैदान से बाहर आए। उन्होंने कुछ प्रशंसकों के साथ सेल्फी ली और फिर अपनी कार में बैठ गए। करीब 7:05 बजे उनकी कार जैसे ही गेट के पास पहुंची, दो हमलावरों ने उस पर सात राउंड फायरिंग कर दी। इसके बाद दोनों तीसरे आरोपी के साथ बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।
फायरिंग में प्रशंसक घायल, टाइगर खुद पहुंचे अस्पताल
फायरिंग के दौरान एक प्रशंसक के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। उसे इलाज के लिए मुंबई के कूपर अस्पताल ले जाया गया। वहीं, टाइगर श्रॉफ शाम करीब 7:30 बजे अपने ड्राइवर को ड्राइविंग सीट से हटाकर खुद कार चलाते हुए नानावटी अस्पताल पहुंचे।
घटना के बाद अभिनेता की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। रात करीब 10 बजे लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे टाइगर के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। करीब 11:40 बजे मुंबई पुलिस उन्हें उनके घर लेकर पहुंची।
मुंबई से भागकर कोटा पहुंचे आरोपी
फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मुंबई से फरार हो गए थे। पुलिस को उनकी आखिरी लोकेशन अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास मिली थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी ट्रेन से दिल्ली की ओर निकले थे। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से पुलिस ने उनकी तलाश तेज की।
19 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि वे कोटा की रेलवे कॉलोनी में छिपे हुए थे। कोटा सिटी पुलिस ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की।
नेपाल भागने की भी थी तैयारी?
शुरुआती जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, आरोपियों की योजना ट्रेन के अंतिम पड़ाव जयपुर तक पहुंचने की थी। वहां से बस के जरिए दिल्ली जाने और फिर सड़क मार्ग से नेपाल की सीमा पार कर देश से बाहर निकलने की तैयारी बताई जा रही है। हालांकि, इस कथित योजना से जुड़े सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस जांच में साजिश की कड़ियां जोड़ने पर जोर
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में अब पुलिस आरोपियों की भूमिका, हमले के पीछे की वजह और कथित साजिश से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। अभिनेता की दिनचर्या की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आए और वारदात के पीछे कौन-कौन शामिल था, ये जांच के अहम सवाल हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच इन पहलुओं पर केंद्रित रहने की संभावना है।


