B.P. सिंह के अंतिम संस्कार में शामिल हुई CID की टीम, शिवाजी साटम बोले- मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हुआ, कहा- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था
दो दशक तक दर्शकों के दिलों में रहा CID

मुंबई: टीवी के मशहूर क्राइम शो ‘CID’ और हॉरर सीरियल ‘आहट’ बनाने वाले फिल्ममेकर बीपी सिंह का 27 अक्टूबर को 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके जाने से टीवी इंडस्ट्री में शोक है। ‘CID’ में ACP प्रद्युमन का किरदार निभाने वाले अभिनेता शिवाजी साटम ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके जीवन का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया है।
शिवाजी साटम ने बताया अपना गुरु और दोस्त
शिवाजी साटम ने वैरायटी इंडिया से बातचीत में कहा कि बीपी सिंह उनके लिए महान इंसान और अच्छे दोस्त थे। उन्होंने बताया कि वे थिएटर से आए थे और मंच पर अभिनय करना जानते थे, लेकिन कैमरे के सामने अभिनय करने का तरीका बीपी सिंह ने सिखाया। शिवाजी के मुताबिक, उन्होंने अभिनय को प्रभावशाली बनाना भी उनसे सीखा। बीपी सिंह उनकी जिंदगी के हर दौर में साथ रहे।
सर्जरी के बाद भी काम के लिए लौटे
शिवाजी ने बीपी सिंह के काम के प्रति समर्पण के कई किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि दिल की सर्जरी के करीब तीन महीने बाद ही बीपी सिंह सेट पर लौट आए थे। एक पीछा करने वाले सीन की शूटिंग के लिए वे कैमरा लेकर जंगल में दौड़ पड़े थे। शिवाजी ने यह भी बताया कि एक और सर्जरी के बाद उन्होंने 111 मिनट का एपिसोड बिना कट के एक ही बार में शूट किया था।
दो दशक तक दर्शकों के दिलों में रहा CID
देहरादून में जन्मे बीपी सिंह ने 1998 में ‘CID’ शुरू किया था। यह शो करीब दो दशक तक चला। वे निर्माता-निर्देशक होने के साथ डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले की भूमिका में भी नजर आए। साल 2010 में शो की ओर से ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ की शुरुआत हुई थी।
पद्मश्री सम्मान के हकदार थे: शिवाजी
शिवाजी साटम ने कहा कि बीपी सिंह जैसे व्यक्ति को पद्मश्री मिलना चाहिए था। हालांकि, उनके मुताबिक बीपी सिंह पुरस्कारों की ज्यादा परवाह नहीं करते थे। वे मानते थे कि दर्शकों का प्यार ही सबसे अहम है।


