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Mandsaur News : इंसानियत का पैगाम...............

Uma Verma
Mandsaur News
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Mandsaur News : मंदसौर : देश में यूं तो हिंदू मुस्लिम के मुद्दों पर कई राज्यो में हिंसा फैली है। इससे पहले भी कई जगह बड़ी हिंसा का सामना लोगो को करना पड़ा। लेकिन इन सबके बीच मध्यप्रदेश के मंदसौर में एक घटना ऐसी हुई

कि जो धर्म को नही बल्कि इंसानियत, इंसान के प्रति इंसान की मोहब्बत को दिखाता है। मंदसोर में एक मुस्लिम शख्स ने ऐसा संदेश दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, बड़ी बात यह है कि जिस शख्स ने यह संदेश दिया

आज वही इस दुनिया में नहीं है। दरअसल हिंदू परिवार की जान बचाने में एक मुस्लिम युवक ने अपनी जान गवा दी। मामला बीते सोमवार का है

जहां मंदसौर जिले की शिवना नदी में बिल्लोद पुल पर बाइक पर सवार एक परिवार पानी में बह गया। बाइक पर पति-पत्नी और उनकी दो मासूम बच्चियां थी। जब यह परिवार पानी में गिरा तो इन्हें बचाने के लिए मौके पर मौजूद कोटवार

राजू मालवीय और स्थानीय युवक 'बबलू मंसूरी' ने भी पानी में तत्काल बिना कुछ सोचे समझे छलांग लगा दी और परिवार को बचाने में जुट गए। कोटवार राजू मालवीय ने परिवार की 7 साल की मासूम बेटी को बचाकर बाहर निकाल।

इसे बचाने में भी 'बबलू' ने 'राजू' की बड़ी मदद की। लेकिन उसके बाद बबलु ने जब अन्य लोगों को बचाने की जहोज्द की लेकिन महिला और उसकी छोटी मासूम बच्ची को बचाने में मुस्लिम युवक बबलू नाकामयाब रहा।

और वह भी इस गंभीर हादसे का शिकार हो गया। हालत यह बने की मां और मासूम बच्ची के शव तो घटना दिवस दोपहर बाद मिल गए। लेकिन मुस्लिम युवक बबलू मंसूरी और परिवार का मुखिया डूंगरसिंह लापता हो गए।

जब यह खबर इलाके में फैली तो हर कोई इस बात की चर्चा करने लगा कि, एक मुस्लिम युवक ने हिंदू परिवार को बचाने के लिए अपनी जान दाव पर लगा दी। मंगलवार सुबह 'बबलू' का शव रेस्क्यू दल ने पानी से बाहर निकाला।

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मंगलवार शाम जब बबलू का जनाजा निकाला तो कई हिंदू परिवार के लोग जनाजे में शामिल हुए। ग्राम के बस स्टैंड पर हिंदु समाजजनो ने बबलु को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

बता दें की बबलू मंसूरी बिल्लोद पुल के पास बसे नाहरगढ़ गांव का रहने वाला है। बबलू के माता-पिता का देहांत हो चुका है। बबलू अपनी पत्नी फिरदौस बी और 8 माह की मासूम बच्ची के साथ रहता है।

इस तरह बबलू का तीन सदस्यीय परिवार है। लेकिन अब इस हंसते- खेलते परिवार का मुखिया बबलू अब इनके बीच नहीं रहां। मासुम बच्ची की आंखे अभी भी उसकी राह तक रही है।

बबलू की मौत के बाद और हर कोई पीड़ित परिवार की मदद की बात कर रहा है। जिला कलेक्टर आदिती गर्ग ने भी बबलू मंसूरी के घर पर पहुंचकर परिवार को सांत्वनादी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

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ईधर मंगलवार को किसान न्याय यात्रा के दौरान मंदसौर पहुंचे जीतू पटवारी ने भी घटना पर दुःख जताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी वहीं दिवंगत बबलू मंसूरी का जिक्र करते हुए कहा कि- यही है असली भारत, जहां कोई जात धर्म नहीं है।

लेकिन बीजेपी केवल नफरत फैलाने का ही काम करती है। वहीं अब भाजपा कह रह रही है की घटना का सबको दुख है लेकिन अब कांग्रेस उस पर राजनीति रोटियां सेंक रही है।


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