Mahashivratri 2025 : महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता शक्ति के पावन मिलन का एक महत्वपूर्ण पर्व है। इसे हर साल शिव-गौरी विवाह के रूप में भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी, जिसके उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं।
श्री शिव बारात आयोजन
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर केंद्रीय महासमिति पहाड़ी मंदिर (मुख्य द्वार) के तत्वावधान में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें 26 फरवरी को निकलने वाली शिव बारात की तैयारियों पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता शैलेश्वर दयाल सिंह ने की।
संस्थापक नंद किशोर सिंह चंदेल ने जानकारी दी कि इस वर्ष भी श्री शिव बारात पहाड़ी मंदिर के मुख्य द्वार से प्रारंभ होगी। बारात में भव्य झांकियां, ताशा, ढोल और नगाड़े विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। बारात निकलने से पूर्व विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाएगी।
शिव बारात मार्ग
शिव बारात निम्नलिखित मार्गों से होकर गुजरेगी:
- हरमू रोड → शनि मंदिर → बकरी बाजार → कार्टसराय रोड → कोतवाली थाना रोड → शहीद चौक → अल्बर्ट एक्का चौक → शहीद चौक → गांधी चौक → महावीर चौक → ग्वाला टोली → न्यू मार्केट चौक → दुर्गा मंदिर (रातू रोड) → पिस्का मोड़ स्थित विश्वनाथ मंदिर
विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के बाद समिति द्वारा शिव बारात का भव्य स्वागत किया जाएगा और विवाह संपन्न होगा। समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से भगवान शिव, माता पार्वती और भूत-प्रेत स्वरूप में इस दिव्य आयोजन में भाग लेने का आग्रह किया है।
महाशिवरात्रि 2025: तिथि और पूजा मुहूर्त
महाशिवरात्रि हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पावन तिथि 26 फरवरी 2025 को पड़ रही है।
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ – 26 फरवरी 2025, सुबह 11:08 बजे
- चतुर्दशी तिथि समाप्ति – 27 फरवरी 2025, सुबह 08:54 बजे
महाशिवरात्रि पूजा मुहूर्त:
- निशिता काल पूजा समय – 27 फरवरी, मध्यरात्रि 12:27 बजे से 1:16 बजे तक
- प्रथम प्रहर पूजा – 26 फरवरी, शाम 06:43 बजे से रात 09:47 बजे तक
- द्वितीय प्रहर पूजा – 26 फरवरी, रात 09:47 बजे से 12:51 बजे (27 फरवरी)
- तृतीय प्रहर पूजा – 27 फरवरी, रात 12:51 बजे से 03:55 बजे तक
- चतुर्थ प्रहर पूजा – 27 फरवरी, सुबह 03:55 बजे से 06:59 बजे तक
शिवरात्रि पारण समय:
27 फरवरी, सुबह 06:59 बजे से 08:54 बजे तक
समापन
इस बार की महाशिवरात्रि पर आयोजित शिव बारात और पूजा-अर्चना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है। शिव भक्त इस पावन पर्व पर व्रत, रात्रि जागरण और शिवलिंग अभिषेक कर भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।