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Mahasamund Chhattisgarh : स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बच्चों से फीस लेने का मामला आया सामने

Mahasamund Chhattisgarh : स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बच्चों से फीस लेने का मामला आया सामने
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Mahasamund Chhattisgarh : महासमुंद : महासमुंद जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश, हिन्दी माध्यम स्कूल के बच्चों से किसी भी प्रकार की फीस नही लेने के नियम के बावजूद जिले के सभी स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बच्चों से फीस लेने का मामला सामने आया है ।

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Mahasamund Chhattisgarh : जहां बच्चे फीस लेने की बात को बता रहे है और प्राचार्य अपना तर्क दे रहे है , तो वही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी नियम विरुद्ध फीस लेने पर कार्यवाही का रटारटाया राग अलाप रहे है ।

आप को बता दे कि वर्ष 2021 से शासन बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निजी इंग्लिश माध्यम स्कूलों के तर्ज पर छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश व हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित करना शुरु की ।

इसी कड़ी में महासमुंद जिले में भी वर्ष 2021 से लेकर अभी तक 13 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश व हिन्दी माध्यम स्कूल संचालित है , जिसमें हजारों बच्चे अध्ययनरत है ।

वर्ष 2022 में बालोद जिले में बच्चों से अलग-अलग मद में फीस लेने पर शासन ने एक पत्र जारी कर आदेशित किया था कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश , हिन्दी माध्यम स्कूल शासन की महत्वाकांक्षी योजना है ।

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जिसमें बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा , गणवेश , पुस्तक ,सायकल प्रदान करना है । उसके बावजूद महासमुंद जिले के सभी स्कूलों में सत्र 2023-24 तक स्काउट , रेड क्रास , विज्ञान , विज्ञान क्लब , खेल , परीक्षा , आई कार्ड आदि के नाम पर अलग - अलग कक्षा में अलग - अलग फीस ( 410 , 445 , 780 रुपये) ली गयी ,जो नियमानुसार नही लेनी थी ।

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इस का खुलासा होने के बाद इस संदर्भ में जहां छात्र फीस लेने की बात कह रहे है तो स्कूल के प्राचार्य स्पष्ट दिशा- निर्देश नही होने के कारण फीस लेने की बात स्वीकार रहे है ,वही जिला शिक्षा अधिकारी फीस लेने का नियम नही है

बताते हुए जांच कमेटी द्वारा जांच के बाद नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेकर उच्च अधिकारी को अवगत कराने की बात कह रहे है । गौरतलब है कि नियम नही होते हुए भी बच्चों से फीस ली गयी ,जो कई सवालों को जन्म देता है ।

मसलन बच्चों से फीस लेने की बात क्या वाकई जिला शिक्षा अधिकारी को नही पता था ? शासन के पत्र का पालन क्यों नही कराया गया ? और अब जब सारा मामला उजागर हो गया है तो शिक्षा विभाग क्या कार्यवाही करेगा ? बहरहाल देखना होगा कि शिक्षा विभाग जो फीस बच्चों से ली है उसे कब तक वापस करता है और जिम्मेदारों पर क्या एक्शन लेता है ।


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