Maharashtra New CM : "72 घंटे और बीजेपी का फॉर्मूला : सीएम चुनने में सरप्राइज मास्टरस्ट्रोक" होने की सम्भावना

Maharashtra New CM 72 घंटे और बीजेपी का फॉर्मूला सीएम चुनने में सरप्राइज मास्टरस्ट्रोक होने की सम्भावना
Maharashtra New CM 72 घंटे और बीजेपी का फॉर्मूला सीएम चुनने में सरप्राइज मास्टरस्ट्रोक होने की सम्भावना
Maharashtra New CM : महाराष्ट्र: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए 72 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मुख्यमंत्री चयन में देरी अक्सर नए और अप्रत्याशित चेहरों के उभरने का संकेत देती है।
भाजपा के इतिहास में, जब भी मुख्यमंत्री चयन में 72 घंटे या उससे अधिक का समय लगा है, तब पार्टी ने नए और अप्रत्याशित चेहरों को नेतृत्व सौंपा है। उदाहरण के लिए, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, भाजपा ने वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की जगह नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया। इन राज्यों में पार्टी ने भजनलाल शर्मा, मोहन यादव और विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी।
महाराष्ट्र में संभावित परिदृश्य:
महाराष्ट्र में भाजपा ने 132 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) ने 57 सीटें जीती हैं। मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों दलों के बीच मंथन जारी है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह, इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए मुंबई पहुंच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी तीन संभावित फॉर्मूलों पर विचार कर रही है:
- नया चेहरा: राजस्थान मॉडल के तहत, जहां पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया गया, महाराष्ट्र में भी भाजपा किसी नए और अप्रत्याशित चेहरे को मुख्यमंत्री बना सकती है।
- वरिष्ठ मंत्री का प्रमोशन: मध्य प्रदेश मॉडल के अनुसार, जहां शिवराज सिंह चौहान की जगह मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया, महाराष्ट्र में भी किसी वरिष्ठ मंत्री को मुख्यमंत्री पद पर प्रमोट किया जा सकता है।
- गठबंधन सहयोगी को मौका: बिहार मॉडल के तहत, जहां भाजपा ने जदयू के नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया, महाराष्ट्र में भी शिवसेना (शिंदे गुट) के एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद पर बरकरार रखा जा सकता है।
इन फॉर्मूलों के आधार पर, महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नए और अप्रत्याशित चेहरे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा के पिछले अनुभवों को देखते हुए, मुख्यमंत्री चयन में देरी अक्सर सरप्राइज चेहरे की एंट्री का संकेत देती है।


