Maharashtra Assembly Election Result
Maharashtra Assembly Election Result : महाराष्ट्र में पिछले कुछ महीनों में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल गई हैं, और बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने राज्य की राजनीति में बड़ी जीत हासिल की है। जुलाई 2023 में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (MVA)
सरकार के गिरने और शिंदे के बीजेपी के साथ गठबंधन करने के बाद से राजनीतिक परिदृश्य में काफी बदलाव आया। बीजेपी और शिंदे गुट की जीत के पीछे 5 प्रमुख कारणों को देखा जा सकता है:
- उद्धव ठाकरे का विश्वासघात आरोप: शिवसेना के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उद्धव ठाकरे ने अपने चुनावी वादों के खिलाफ जाकर कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया। इसके चलते पार्टी में विरोध और असंतोष बढ़ा, जिसका फायदा शिंदे गुट ने उठाया। शिंदे ने शिवसेना का “हिंदुत्व” का मूल सिद्धांत और बाल ठाकरे की विरासत का जिक्र करके अपने पक्ष में समर्थन जुटाया।
- शिंदे का विद्रोह और विधायकों का समर्थन: जून 2022 में एक विद्रोह के बाद, एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। उन्होंने 40 से अधिक विधायकों का समर्थन हासिल किया, जिससे उद्धव सरकार कमजोर पड़ी और कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन भी सत्ता खो बैठा। इस समर्थन के चलते शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सत्ता संभाली।
- बीजेपी का मजबूत नेतृत्व और रणनीति: बीजेपी ने राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। पार्टी ने शिंदे गुट के साथ गठबंधन किया, जिससे महाराष्ट्र में अपने आधार को और विस्तारित किया। बीजेपी की रणनीतिक साझेदारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर लोगों में भरोसा था, जिसने शिंदे-बीजेपी गठबंधन को सफलता दिलाई।
- स्थिरता और विकास का वादा: शिंदे-बीजेपी गठबंधन ने राज्य में स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह संदेश दिया कि वे महाराष्ट्र में बेहतर शासन और विकास सुनिश्चित करेंगे, जिससे लोगों का समर्थन बढ़ा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और गरीब वर्ग के बीच यह संदेश सकारात्मक रूप से फैला।
- विरोधियों के कमजोर हो जाने का फायदा: उद्धव ठाकरे और उनके सहयोगी दलों के अंदर गुटबाजी और नेतृत्व के संकट के कारण MVA सरकार कमजोर पड़ी। कांग्रेस और एनसीपी के बीच की तकरार और सत्ता में रहते हुए पार्टी के भीतर आंतरिक मतभेदों ने भी शिंदे-बीजेपी गठबंधन के लिए रास्ता खोल दिया।
इन प्रमुख कारणों के चलते, महाराष्ट्र में बीजेपी-शिंदे गठबंधन ने अपनी स्थिति मजबूत की और राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ लाया।
