प्रयागराज : Mahakumbh 2025 : जैसे-जैसे महाकुंभ का आयोजन नजदीक आ रहा है, प्रयागराज का जिला प्रशासन मेले की तैयारियों में पूरी तरह से जुटा हुआ है। 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ में देशभर से करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस विशाल आयोजन के मद्देनज़र, उत्तर मध्य रेलवे ने रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की स्थिति से निपटने और मेडिकल इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आने की संभावना को देखते हुए रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मॉक ड्रिल का आयोजन प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर किया गया, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों की तत्परता को परखा जा सके।
मॉक ड्रिल का उद्देश्य
इस मॉक ड्रिल में यह देखा गया कि यदि स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ जाए और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो उसे कैसे नियंत्रित किया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान लोगों को एंट्री गेट पर बने सर्कुलेटिंग एरिया में रोका गया और प्लेटफॉर्म पर घायल हुए यात्रियों को तत्काल अस्पताल भेजने की प्रक्रिया की गई।
मॉक ड्रिल की कार्यप्रणाली
मॉक ड्रिल में शामिल वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर परवेज ने बताया कि रेलवे प्रशासन और एनडीआरएफ के सहयोग से रेलवे चिकित्सालय को साथ लेकर यह मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान एक सीन क्रिएट किया गया, जिसमें भीड़ के बीच 5 लोग दब गए थे। इसमें से 3 लोग गंभीर रूप से घायल थे और 2 लोग हल्के रूप से घायल थे। गंभीर मरीजों को रेलवे अस्पताल में 5-7 मिनट के भीतर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था और रेस्क्यू प्रक्रियाओं का परीक्षण
एडीआरएम प्रयागराज संजय सिंह ने कहा कि सबसे पहले घटना के बारे में सभी अधिकारियों को ब्रीफ किया गया। इसके बाद फील्ड एक्सरसाइज के दौरान भगदड़ की घटना को क्रिएट कर उसे मैनेज करने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया गया। मॉक ड्रिल में यह सिखाया गया कि भगदड़ से किस प्रकार निपटना है, घायल लोगों का रेस्क्यू कैसे किया जाए और चिकित्सा सहायता को त्वरित रूप से कैसे पहुंचाया जाए।
सभी संबंधित विभागों की सहभागिता
इस मॉक ड्रिल में रेलवे प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और चिकित्सा विभाग सभी ने मिलकर भाग लिया। यह मॉक ड्रिल महाकुंभ मेले के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिक्रिया की तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण कदम था।
महाकुंभ के आयोजन में रेलवे और प्रशासन की तरफ से यह मॉक ड्रिल सुनिश्चित करती है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोत्तम बनी रहे।