प्रयागराज : Mahakumbh 2025 : धर्म और आध्यात्म की नगरी प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में न केवल धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं, बल्कि देश भर की सांस्कृतिक धरोहर भी प्रदर्शित हो रही है।
Mahakumbh 2025 : इस बार महाकुंभ में मध्य प्रदेश की संस्कृति की एक झलक देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग और आनंद विभाग द्वारा महाकुंभ मेले में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, मंदिरों, साहित्य, नृत्य, गायन, वादन और अन्य कला रूपों का अद्भुत प्रदर्शन किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश मंडप में सांस्कृतिक धरोहरों का प्रदर्शन
महाकुंभ के सेक्टर-7 में संस्कृति विभाग द्वारा मध्य प्रदेश का एक विशेष मंडप तैयार किया गया है, जहां प्रदेश के विभिन्न कलाकार अपनी कला प्रस्तुत कर रहे हैं।
मंडप में मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, जैसे महाकालेश्वर, ओमकारेश्वर, खजुराहो, हरसिद्धि मंदिर, भीम बैठिका, सांची, मैहर, अमरकंटक, चित्रकूट, नलखेड़ा, और मां पीतांबरा पीठ की जानकारी और चित्रों का प्रदर्शित किया जा रहा है।
Mahakumbh 2025
इसके साथ ही, देवी अहिल्या बाई की 300वीं जन्म शताब्दी पर अहिल्या घाट को प्रदर्शित करता एक विशेष मंच भी तैयार किया गया है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
मंडप में प्रतिदिन मां नर्मदा और गंगा आरती, गायन, वादन, नृत्य की प्रस्तुतियों का आयोजन हो रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से लेकर रात 10 बजे तक चलते हैं।
साथ ही, संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जहां ये पुस्तकें बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। मंडप में विभागीय प्रकाशनों की एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है
जिसमें श्रीराम के 36 गुणों, देवी 108 स्वरूपों, गौ और गोपाल आधारित, भगवान श्रीकृष्ण द्वारा सीखी गईं 64 कलाओं और 14 विद्याओं पर आधारित प्रदर्शनी देखने को मिल रही है।
इस प्रकार, मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम महाकुंभ में देखा जा रहा है, जो हर आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर रहा है।