MP : सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत, 33 लाख दीपों से जगमग हुआ शिप्रा तट, CM डॉ. मोहन यादव और नितिन नवीन ने जलाया 'आशीर्वाद का दीया'
मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही हजारों वॉलिंटियर्स ने शिप्रा नदी के दोनों तटों और महाकाल महालोक में सजाए गए दीपों को एक साथ रोशन किया। इस दौरान कुल 33 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन का भव्य आयोजन किया गया।
उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की भव्य शुरुआत की गई। उज्जैन में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने शिप्रा नदी के रामघाट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही हजारों वॉलिंटियर्स ने शिप्रा नदी के दोनों तटों और महाकाल महालोक में सजाए गए दीपों को एक साथ रोशन किया। इस दौरान कुल 33 लाख दीपों के प्रज्ज्वलन का भव्य आयोजन किया गया।
3 मिनट में जगमग हुए शिप्रा के घाट
आशीर्वाद के दीये के प्रज्ज्वलन के बाद सायरन बजते ही करीब 25 हजार वॉलिंटियर्स सक्रिय हो गए और कुछ ही मिनटों में शिप्रा तट और महाकाल महालोक दीपों की रोशनी से जगमगा उठे।
रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट, केदारेश्वर घाट, सुनहरी घाट और भूखी माता घाट समेत कई स्थानों पर दीपोत्सव का आयोजन किया गया। वहीं महाकाल महालोक में भी दीपों की श्रृंखला सजाई गई।
CM मोहन यादव समेत नेताओं ने की शिप्रा आरती
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने मां शिप्रा की आरती में भाग लिया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। दीपों से सजे शिप्रा तट का नजारा देखते ही बन रहा था। घाटों पर फैली रोशनी ने पूरे उज्जैन को उत्सव के रंग में रंग दिया।
दीपों से बनाया गया प्रधानमंत्री मोदी का चित्र
उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में भी विशेष दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां वॉलिंटियर्स ने दीपों की मदद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चित्र तैयार किया और जन्मदिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
सेवा, सहभागिता और जनभागीदारी का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस दीपोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। आयोजन के जरिए सेवा, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का संदेश दिया गया। उज्जैन में हुए इस भव्य दीपोत्सव ने शिप्रा घाटों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रोशनी से भर दिया।



