MP : कूनो में 'प्रोजेक्ट चीता' को मिली बड़ी खुशखबरी, भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने दिए 4 शावकों को जन्म
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के ठीक बाद भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है।
श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के चार साल पूरे होने के ठीक बाद भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है। इन नए शावकों के आगमन को भारत में चीता संरक्षण अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी जानकारी
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। उन्होंने कूनो में जन्मे चार नए शावकों को भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कूनो में बढ़ी चीतों की संख्या
चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है। वहीं, पूरे देश में चीतों की कुल संख्या अब 56 तक पहुंच गई है।
यह आंकड़ा भारत में चीता पुनर्स्थापना अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लगातार हो रहे जन्म से देश में चीता आबादी को बढ़ाने की उम्मीद मजबूत हुई है।
भारत में जन्मी मादा चीता बनी संरक्षण अभियान की उम्मीद
मादा चीता KGP12 का जन्म भारत में ही हुआ था और अब उसी ने शावकों को जन्म देकर चीता संरक्षण की सफलता की नई कहानी लिखी है। वन विभाग और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े अधिकारियों के लिए यह उपलब्धि बेहद उत्साहजनक है। कूनो में चीतों का लगातार बढ़ता कुनबा इस बात का संकेत है कि भारत में चीता पुनर्वास योजना धीरे-धीरे सकारात्मक परिणाम दे रही है।
कूनो प्रबंधन और टीम में खुशी का माहौल
चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन और प्रोजेक्ट चीता की पूरी टीम में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों की निगरानी में शावकों और मां चीता के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी यह खबर खास है, क्योंकि भारत में चीता संरक्षण के प्रयासों को इससे नई ऊर्जा मिली है। कूनो अब देश में चीता संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।



