MP Crime : गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर महिला से 1 करोड़ की ठगी, भाई-बहन पर FIR दर्ज
परिवार को फिर से जोड़ने और घरेलू परेशानियां दूर करने का दिया भरोसा, आरोपियों ने नकदी के साथ 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवर लिए; क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया।

MP Crime : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गृहशांति और तंत्र-मंत्र के जरिए पारिवारिक समस्याएं दूर करने का दावा करने वाले भाई-बहन पर करीब एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने एक महिला को परिवार में फिर से खुशहाली और मेल-मिलाप कराने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास का फायदा उठाकर नकदी, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सोने-चांदी के कीमती आभूषण हासिल कर लिए। मामले की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
परिचित के जरिए हुई थी आरोपियों से पहचान
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साकेत नगर निवासी पुरुषोत्तम शर्मा ने 14 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा की पहचान मोहल्ले की एक परिचित के माध्यम से आशा यादव से हुई थी। आशा ने अपने भाई मुकेश यादव को तंत्र-मंत्र का जानकार बताते हुए गृहशांति और पारिवारिक समस्याओं का समाधान करने का दावा किया था।
उस समय पुरुषोत्तम का बेटा परिवार से अलग रह रहा था। परिवार को दोबारा एकजुट करने की उम्मीद में राजेश्वरी का आशा के घर आना-जाना बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों भाई-बहन ने गृहशांति और तंत्र-मंत्र के नाम पर उनसे रुपये और कीमती सामान लेना शुरू कर दिया।
नकदी के साथ सोने-चांदी के जेवर भी लिए
शिकायत के अनुसार, 25 मई 2025 से रकम लेने का सिलसिला शुरू हुआ। राजेश्वरी ने अलग-अलग मौकों पर फोन-पे के जरिए आशा के बैंक खाते में करीब 7.16 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा घर में रखी लगभग 12.54 लाख रुपये की नकदी भी दी गई।
आरोपियों पर करीब 625 ग्राम सोने और 500 ग्राम चांदी के आभूषण लेने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता परिवार का दावा है कि नकदी और जेवर मिलाकर धोखाधड़ी की कुल रकम करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
ज्वेलर्स से मिली जानकारी के बाद खुला मामला
परिवार को पूरे मामले पर संदेह तब हुआ, जब 29 सितंबर को बिट्टन मार्केट स्थित जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने पुरुषोत्तम शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि करीब पांच महीने पहले आशा यादव ने उनकी दुकान से लगभग 17 लाख रुपये का सोना खरीदा था। इस खरीदारी में पांच लाख रुपये नकद दिए गए थे, जबकि शेष भुगतान के लिए चेक दिया गया था। आरोप है कि चेक से भुगतान नहीं हो सका।
इसके बाद पुरुषोत्तम ने अपनी पत्नी से पूछताछ की, जिसमें तंत्र-मंत्र और गृहशांति के नाम पर रुपये और आभूषण दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद परिवार ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
10 करोड़ रुपये के चेक और ATM कार्ड भी मिले
शिकायत की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने पुरुषोत्तम शर्मा, उनकी पत्नी और बेटों के बयान दर्ज किए। राजेश्वरी शर्मा ने पुलिस को करीब आठ चेक सौंपे, जिनकी कुल राशि लगभग 10 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा एक खाली चेक और छह अलग-अलग ATM कार्ड भी पुलिस को दिए गए। पुलिस ने इन सभी दस्तावेजों और कार्डों को जब्त कर लिया है।
धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज
प्रारंभिक जांच में आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव की भूमिका सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने कितनी रकम और संपत्ति हासिल की तथा चेक और ATM कार्ड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


