MP Assembly Monsoon Session: एमपी विधानसभा के मानसून सत्र में UCC बिल पास, हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित

MP Assembly Monsoon Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक बहस और विरोध के बीच पारित हो गया। विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी देखने को मिली। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। विधेयक के पारित होने के साथ ही मध्य प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जहां यूसीसी लागू करने की दिशा में विधायी कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने इसे बताया ऐतिहासिक फैसला
विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून धर्म, जाति या समुदाय के आधार पर अलग-अलग नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी नागरिकों के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने इसे समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विपक्ष ने जताई आपत्ति, सदन में हुआ जोरदार विरोध
यूसीसी विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया और कई प्रावधानों पर सवाल उठाए। विपक्ष ने विधेयक को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे व्यापक जनहित और समान अधिकारों से जुड़ा कदम बताया। बहस के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी हुई, जिससे सदन का माहौल गर्मा गया और कार्यवाही कुछ समय के लिए रोकनी पड़ी।
देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल हुआ मध्य प्रदेश
सरकार का दावा है कि इस विधेयक के लागू होने से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और अन्य नागरिक मामलों में समान कानूनी व्यवस्था स्थापित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा, उत्तराखंड और असम के बाद अब मध्य प्रदेश भी समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है। उन्होंने इसे सामाजिक समानता और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
आगे नियमों और क्रियान्वयन की प्रक्रिया होगी तय
विधेयक के विधानसभा से पारित होने के बाद अब इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियम और प्रक्रियाएं तैयार की जाएंगी। सरकार का कहना है कि नए कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभाग विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेंगे, ताकि सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार और व्यवस्था का लाभ मिल सके।


