MP Assembly Monsoon Session: एमपी विधानसभा के मानसून सत्र में पेश हुआ अनुपूरक बजट, जल संकट पर सर्वदलीय बैठक बुलाएगी सरकार

MP Assembly Monsoon Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के माध्यम से अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया। बजट पेश होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया। तय कार्यक्रम के अनुसार सदन में अनुपूरक बजट पर एक घंटे तक विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी राय रखेंगे।
जल संसाधनों पर होगी सर्वदलीय बैठक
सदन की कार्यवाही के दौरान सिंचाई परियोजनाओं और जल प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बदनावर सिंचाई परियोजना में देरी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पानी का विषय पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित कई सिंचाई योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक सहमति बनाने के लिए सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक आयोजित करेगी।
संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी गूंजा
प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का विषय भी उठा। कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजार के सवाल के जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि 10 वर्ष या उससे अधिक अनुभव रखने वाले संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया लगभग 50 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों में 50 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है और नियमितीकरण की दिशा में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
महिला संविदा कर्मचारियों को लेकर सरकार का जवाब
सदन में महिला संविदा कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा भी उठाया गया। मंत्री कृष्णा गौर ने स्पष्ट किया कि वर्तमान नियमों के अनुसार महिला संविदा कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश की पात्रता प्राप्त नहीं है। हालांकि सरकार संविदा कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा कर रही है और आवश्यकतानुसार आगे निर्णय लिए जाएंगे।
विकास और कर्मचारी हितों पर केंद्रित रही कार्यवाही
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान वित्तीय प्रबंधन, जल संसाधनों के विकास और संविदा कर्मचारियों के भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ कर्मचारी हितों और जल प्रबंधन जैसे विषयों पर भी व्यापक स्तर पर कदम उठाए जाएंगे।


