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Jabalpur Defence Project : CM मोहन यादव और राजनाथ सिंह ने किया टैंक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट का शुभारंभ, हर साल 80 T-Series टैंक होंगे तैयार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में T-Series Tank Overhaul Project का भूमि-पूजन किया।

Jabalpur Defence Project : CM मोहन यादव और राजनाथ सिंह ने किया टैंक ओवरहॉलिंग प्रोजेक्ट का शुभारंभ, हर साल 80 T-Series टैंक होंगे तैयार
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जबलपुर। मध्य प्रदेश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर स्थित व्हीकल फैक्ट्री में T-Series Tank Overhaul Project का भूमि-पूजन किया। करीब ₹472 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के तहत हर साल 80 टी-सीरीज टैंकों की ओवरहॉलिंग की क्षमता विकसित की जाएगी। सरकार के मुताबिक यह परियोजना भारतीय सेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ मध्य प्रदेश में रक्षा उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

T-72 और T-90 टैंकों की ओवरहॉलिंग में बढ़ेगी क्षमता

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लंबे समय तक सीमावर्ती और कठिन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाले टैंकों को समय-समय पर मरम्मत और ओवरहॉलिंग की जरूरत होती है। भारतीय सेना को हर साल करीब 230 टैंकों की ओवरहॉलिंग की आवश्यकता होती है, जबकि अवाडी स्थित सुविधा में लगभग 150 टैंकों की क्षमता है। ऐसे में करीब 80 टैंकों की अतिरिक्त क्षमता की जरूरत थी, जिसे जबलपुर की नई परियोजना पूरा करेगी।

उन्होंने कहा कि T-72 और T-90 जैसे टैंक आज भी ग्राउंड ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक युद्ध में ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद टैंकों की उपयोगिता बनी हुई है। नई तकनीक के साथ टैंकों को अपग्रेड करते हुए उन्हें आधुनिक युद्धक रणनीति के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

जबलपुर बनेगा Defence Manufacturing का नया केंद्र

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने वर्षों से रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि नई परियोजना के जरिए शहर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक सैन्य तकनीक के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में लगातार रक्षा क्षेत्र से जुड़े निवेश आ रहे हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और सहायक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में अहम कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ उनकी मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी उन्नयन भी देश में ही करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जबलपुर की T-Series Tank Overhaul परियोजना विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने और सेना को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। उनके मुताबिक यह परियोजना केवल एक औद्योगिक सुविधा नहीं, बल्कि सशक्त सेना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़ा कदम है।

रक्षा मंत्री ने CM मोहन यादव की सराहना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ‘डायनामिक मुख्यमंत्री’ बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से रक्षा मंत्रालय की कई परियोजनाएं तय समयसीमा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लागू की गई उद्योग-अनुकूल नीतियां और निवेश को आसान बनाने वाली व्यवस्थाएं रक्षा क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार कर रही हैं। राज्य में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आ रहे हैं और कई परियोजनाएं अब जमीन पर उतर रही हैं।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भी बढ़ रहा Defence Investment

रक्षा मंत्री ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में रक्षा क्षेत्र के लिए विकसित की जा रही संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में करीब 373 हेक्टेयर भूमि पर रक्षा विनिर्माण की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं और ₹16,960 करोड़ से अधिक के प्रस्तावित निवेश पर काम हो रहा है।उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख Defence और Aerospace Manufacturing Hub में बदलने की मजबूत नींव तैयार की जा रही है।

चार-पांच साल में 4,400 टैंकों की आपूर्ति

रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों में Heavy Vehicles Factory की ओर से भारतीय सेना को करीब 4,400 टैंक उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने Armoured Vehicles Nigam Limited (AVNL) और इसके कर्मचारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सेना की जरूरतों को पूरा करने में इन संस्थानों का योगदान महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक AVNL के पास T-72 और T-90 टैंकों की ओवरहॉलिंग का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। जबलपुर में नई क्षमता जुड़ने से इस अनुभव का लाभ बड़े पैमाने पर सेना को मिलेगा।

सालाना 80 टैंकों की होगी ओवरहॉलिंग

AVNL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सत्यव्रत मुखर्जी ने बताया कि जबलपुर में शुरू की जा रही परियोजना के तहत हर साल 80 टैंकों की ओवरहॉलिंग की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से सेना के लिए विभिन्न प्रकार के वाहनों और रक्षा उपकरणों का निर्माण और रखरखाव कर रहा है। नई सुविधा के जरिए टैंकों की मरम्मत और तकनीकी उन्नयन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तेज करने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस औद्योगिक निवेश बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर है। रक्षा क्षेत्र में आने वाली परियोजनाओं से सीधे रोजगार के अलावा MSME और ancillary industries को भी फायदा होगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में मालनपुर में बड़े औद्योगिक निवेश की परियोजना शुरू हुई और अब जबलपुर में रक्षा क्षेत्र की नई परियोजना का शुभारंभ हुआ है। सरकार इन निवेशों के जरिए मध्य प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को और मजबूत करना चाहती है।

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा निर्यात और औद्योगिक विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब शिक्षा, चिकित्सा, बुनियादी ढांचे और उद्योग समेत कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेश के बढ़ते विदेशी निर्यात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में तैयार उत्पाद अब दुनिया के विभिन्न बाजारों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य निवेश को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों में उद्योगों का विस्तार करना है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकें।

रक्षा उत्पादन को मिलेगा नई तकनीक का साथ

राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए सेना को लगातार अपग्रेड रखना आवश्यक है। उनके मुताबिक आने वाले समय में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर तकनीक और आधुनिक टैंक के बीच बेहतर समन्वय युद्ध रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। जबलपुर की नई परियोजना को इसी व्यापक रक्षा आधुनिकीकरण अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इससे टैंकों की उपलब्धता, रखरखाव और तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश को Defence-Aerospace Hub बनाने का लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने कहा कि Global Investors Summit 2025, Invest MP 3.0 और उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जबलपुर और राज्य के अन्य हिस्सों में रक्षा परियोजनाओं का विस्तार आगे भी जारी रहेगा। T-Series Tank Overhaul Project के भूमि-पूजन के साथ जबलपुर ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। परियोजना पूरी होने के बाद हर साल 80 टैंकों की अतिरिक्त ओवरहॉलिंग क्षमता भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करने में अहम योगदान दे सकती है।


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