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भगवान बिरसा मुंडा जयंती : जनजातीय गौरव दिवस पर होगा बड़ा कार्यक्रम.....

Uma Verma
भगवान बिरसा मुंडा जयंती : जनजातीय गौरव दिवस पर होगा बड़ा कार्यक्रम.....
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भगवान बिरसा मुंडा जयंती : जनजातीय गौरव दिवस पर होगा बड़ा कार्यक्रम…..

भगवान बिरसा मुंडा जयंती : रायपुर : जनजातीय गौरव दिवस पर होगा बड़ा कार्यक्रम भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर होगा बड़ा कार्यक्रम का आयोजन 14 व 15 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तर पर होगा आयोजन कृषि मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में होगा

आयोजन मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे शामिल 15 नवंबर को बिहार से पीएम मोदी करेंगे समारोह का शुभारंभ आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की योगदान और बलिदानों को किया जाएगा सम्मानित कार्यक्रम का थीम ”सामाजिक,

आर्थिक विकास, आजीविका एवं उद्यमिता, कला संस्कृति एवं धरोहर, शिक्षा और कौशल विकास स्वास्थ्य एवं जीवन शैली“ है आदिवासियों की हितों का संरक्षण और संवर्धन करना है कार्यक्रम का उद्देश्य अन्य राज्यों के 400 से अधिक आदिवासी कलाकार जुटेंगे राजधानी रायपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की होगी प्रस्तुति आदिवासी कला की बिखरेगी छटा

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ:

  • तारीख: 14-15 नवंबर 2024
  • स्थान: साइंस कॉलेज मैदान, रायपुर
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
  • शुभारंभ: 15 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के जमुई से वर्चुअल रूप से समारोह का शुभारंभ करेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य:

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान और बलिदानों को सम्मानित करना है। कार्यक्रम का थीम "सामाजिक, आर्थिक विकास, आजीविका एवं उद्यमिता, कला संस्कृति एवं धरोहर, शिक्षा और कौशल विकास स्वास्थ्य एवं जीवन शैली" रखा गया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ:

400 से अधिक आदिवासी कलाकार विभिन्न राज्यों से इस आयोजन में भाग लेंगे, जिसमें आदिवासी कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में नृत्य, संगीत और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

अन्य गतिविधियाँ:

  • आदिवासियों के हितों का संरक्षण और संवर्धन करना।
  • विशेष ग्राम सभा का आयोजन 15 से 26 नवंबर तक सभी चयनीत गांवों में किया जाएगा।
  • स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, खेलकूद प्रतियोगिताएँ, निबंध लेखन, वाद-विवाद और कैरियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।

यह आयोजन न केवल आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय समुदायों के बीच जागरूकता फैलाने में भी सहायक होगा।


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