कोरबा : कोरबा जिले के करतला वन मंडल के जंगल से एक घायल हाथी के गांव में घुसने की सूचना के बाद रायपुर से जंगल सफारी की मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने हाथी को ट्रैंकुलाइज कर उसकी स्थिति का आकलन किया और उपचार शुरू किया।
घायल हाथी की स्थिति
हाथी के पेट पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जिससे उसे चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों की टीम ने इलाज के दौरान उसकी आंखों को काले कपड़े से ढककर रखा, ताकि वह शांत रहे और उपचार में कोई बाधा न आए।
मौके पर प्रशासन की तत्परता
घटना स्थल पर कोरबा डीएफओ अरविंद पीएम सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। टीम ने घायल हाथी को हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए प्रयास किया।
वन विभाग की सतर्कता
वन विभाग और मेडिकल टीम की त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि हाथी को समय पर उपचार मिल सके। इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग की तत्परता को उजागर किया है।
आगे की योजना
डॉक्टरों और वन विभाग की टीम हाथी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उसके स्वास्थ्य में सुधार होते ही उसे जंगल में वापस छोड़े जाने की योजना है। वन विभाग ने क्षेत्र के निवासियों को सतर्क रहने और हाथी से दूर रहने की सलाह दी है।
इस घटना से वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया गया है।