Ranji Trophy Controversy: मैच से ठीक पहले बदली गई पूरी टीम, खिलाड़ियों को किया बाहर, मैदान पर पहुंची पुलिस; जानें क्या हैं पूरा मामला
Meghalaya Ranji Trophy Controversy: रणजी ट्रॉफी में मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन के अंदरूनी विवाद के चलते नागालैंड के खिलाफ मैच से ठीक पहले पूरी टीम बदल दी गई। पुराने खिलाड़ियों को खेलने से रोक दिया गया और नई टीम मैदान पर उतरी।

Ranji Trophy Meghalaya Team Controversy: रणजी ट्रॉफी में मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन का अंदरूनी विवाद अब मैदान तक पहुंच गया है। नागालैंड के खिलाफ मुकाबले से ठीक एक दिन पहले मेघालय की पूरी टीम बदल दी गई। जिन खिलाड़ियों ने अभ्यास किया था और मैच रेफरी की बैठक में हिस्सा लिया था, उन्हें अचानक खेलने से रोक दिया गया। उनकी जगह नई टीम मैदान पर उतारी गई। इस घटनाक्रम के बाद खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
मैच से पहले खिलाड़ियों को मिला टीम से बाहर होने का संदेश
मेघालय की रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप टीम में यह बड़ा बदलाव नागालैंड के खिलाफ मुकाबले से ठीक पहले हुआ। पुराने खिलाड़ियों ने मैच की तैयारी पूरी कर ली थी। वे अभ्यास सत्र में शामिल हुए और मैच रेफरी के साथ बैठक भी की। उस समय उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि वे मुकाबले में खेल सकेंगे, क्योंकि बीसीसीआई ने टीम को स्वीकार कर लिया है।
लेकिन उसी शाम खिलाड़ियों को फोन के जरिए बताया गया कि अब उन्हें खेलने की अनुमति नहीं है। बल्लेबाज राहुल दलाल के मुताबिक, टीम के खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचे थे और मैच रेफरी ने उन्हें चिंता नहीं करने को कहा था। हालांकि, शाम को आए फोन ने पूरी स्थिति बदल दी। इसके बाद पुरानी टीम की जगह नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा गया।
मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन में लंबे समय से चल रहा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम की वजह मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA के अध्यक्ष जेम्स संगमा और एपेक्स काउंसिल के बीच चल रही खींचतान बताई जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पिछले कई महीनों से विवाद जारी है और मामला अदालत तक पहुंच चुका है।
विवाद की शुरुआत एसोसिएशन के सचिव रेयोनल्ड खारकामनी के निलंबन से हुई थी। उन पर खिलाड़ियों से जुड़ी यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दबाने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद खारकामनी से जुड़े गुट ने निलंबन के खिलाफ अपील की, लेकिन हाईकोर्ट ने निलंबन को बरकरार रखा। अदालत ने उनके कार्यकाल में पारित प्रस्तावों को भी अवैध करार दिया।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदली गई टीम
कानूनी लड़ाई के दौरान एपेक्स काउंसिल की ओर से चुनी गई टीम रणजी ट्रॉफी के शुरुआती तीन मुकाबले खेल चुकी थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस टीम के चयन को अमान्य करार दिया। अदालत के फैसले के बाद अध्यक्ष जेम्स संगमा के गुट ने नई टीम का चयन किया और एपेक्स काउंसिल की ओर से चुने गए खिलाड़ियों को बाहर कर दिया।
इस फैसले से उन खिलाड़ियों को बड़ा झटका लगा, जो पहले ही टूर्नामेंट में टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके थे और आगे के मुकाबलों की तैयारी कर रहे थे। अचानक हुए इस बदलाव ने टीम चयन की प्रक्रिया और खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीसीसीआई पूरे मामले पर रख रहा नजर
मेघालय क्रिकेट एसोसिएशन के भीतर चल रहे विवाद की जानकारी बीसीसीआई को भी है। बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि मेघालय हाईकोर्ट में एसोसिएशन के अध्यक्ष और सचिव रेयोनल्ड खारकामनी के बीच कानूनी मामला चल रहा है। उनके मुताबिक, हाल ही में अदालत ने अध्यक्ष के गुट के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद उसी गुट ने टीम का चयन किया।


