Asian Games 2026: साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में पहुंची भारतीय महिला हॉकी टीम, अब चीन से होगी गोल्ड की जंग
Asian Games 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब चीन के खिलाफ गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला होगा।

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-0 से हराया। मुकाबले के पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं, लेकिन दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार दबाव बनाया और दो गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ कप्तान सलीमा टेटे की अगुआई वाली भारतीय टीम अब गोल्ड मेडल से सिर्फ एक जीत दूर है। फाइनल में भारत का सामना चीन से होगा। चीन ने दूसरे सेमीफाइनल में जापान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई है।
पहले हाफ में कोरिया ने रोका भारत का रास्ता
सेमीफाइनल के शुरुआती दो क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक हॉकी खेली, लेकिन दक्षिण कोरियाई डिफेंस ने भारत को गोल करने का मौका नहीं दिया। हाफ टाइम तक स्कोर 0-0 था।
भारत लगातार सर्कल में पहुंच रहा था और गोल के मौके बना रहा था, लेकिन फाइनल टच की कमी के कारण बढ़त नहीं मिल सकी। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर में आखिरकार सफलता हासिल की।
इशिका ने खोला गोल का खाता
भारत को मैच के 43वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला। दीपिका ने इंजेक्शन दिया और इशिका ने शानदार हिट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ भारत ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद दक्षिण कोरिया ने बराबरी के लिए कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे वापसी का मौका नहीं दिया।
कप्तान सलीमा टेटे ने दिलाई 2-0 की बढ़त
मैच के 47वें मिनट में भारत ने दूसरा गोल कर दिया। कप्तान सलीमा टेटे ने लूज बॉल पर कब्जा किया और तेजी से सर्कल में पहुंचीं। उनके सेंटर की ओर दिए गए प्रयास के बाद गेंद कोरियाई डिफेंडर की स्टिक से टकराकर गोल में चली गई।
यह गोल सलीमा टेटे के नाम दर्ज हुआ और भारत की बढ़त 2-0 हो गई। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी बढ़त कायम रखी और मुकाबला इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
फाइनल में चीन से होगी भिड़ंत
भारत का अब फाइनल में चीन से सामना होगा। चीन ने जापान को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। ऐसे में भारतीय महिला हॉकी टीम के सामने अब एशियन गेम्स गोल्ड के लिए आखिरी चुनौती होगी।
भारतीय टीम इससे पहले पूल चरण में शानदार फॉर्म में रही थी। टीम ने अपने पांचों मैच जीते थे और पूल बी में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इस दौरान भारत ने 66 गोल किए और सिर्फ तीन गोल खाए थे।
गोल्ड के साथ ओलंपिक टिकट पर भी नजर
इस फाइनल का महत्व सिर्फ एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल तक सीमित नहीं है। महिला हॉकी में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का टिकट भी देता है। इसलिए चीन के खिलाफ होने वाला फाइनल भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मुकाबला होगा।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में अपना पिछला गोल्ड मेडल 1982 में जीता था। अब टीम के पास लंबे अंतराल के बाद फिर से स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।


