Kashi Vishwanath
Kashi Vishwanath : वाराणसी। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर अन्नकूट पर्व के अवसर पर वाराणसी के बाबा काशी विश्वनाथ धाम में भव्य और श्रद्धापूर्ण आयोजन संपन्न हुआ। इस मौके पर भगवान काशी विश्वनाथ का 2100 किलो अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों से शृंगार किया गया। इसमें छेने की मिठाइयां, बूंदी लड्डू, काजू बर्फी, मेवे के लड्डू और अन्य पारंपरिक मिष्ठान शामिल थे।
धाम को फूलों, दीपों और सुगंधित धूपों से सजाया गया। भक्तों की बड़ी संख्या बाबा का शृंगार देखने और दर्शन करने के लिए लगी रही। अन्नकूट पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा की स्मृति में मनाया जाता है और यह अन्न की समृद्धि, सुरक्षा और कृतज्ञता का प्रतीक भी है।
Kashi Vishwanath : पंचबदन की शोभायात्रा और भोग आरती
अन्नकूट पर्व के अवसर पर भगवान श्री विश्वनाथ, माता गौरी और गणेश जी की पंचबदन रजत चल प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा महंत परिवार के आवास से प्रारंभ होकर मंदिर गर्भगृह तक पहुँची। शहनाई और डमरू की ध्वनि, हर-हर महादेव के जयघोष के बीच यह यात्रा गर्भगृह में उत्सवपूर्वक विराजमान हुई। इसके बाद मध्याह्न भोग आरती संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न प्रकार के भोग भगवान को अर्पित किए गए।
Kashi Vishwanath : भक्तों में प्रसाद वितरण और उत्साह
भोग आरती के बाद अन्नकूट पर्व की परंपरा अनुसार श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया गया। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कर स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति की कामना की।
Kashi Vishwanath : धार्मिक उत्सव और सामाजिक संदेश
अन्नकूट पर्व केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म के सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक भी है। यह पर्व एकता, सहयोग, बंधुत्व और दान की भावना को मजबूत करता है। भक्त इस अवसर पर भगवान की पूजा-अर्चना के साथ अपने परिवार और समाज के लोगों के साथ उत्सव का आनंद साझा करते हैं।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में संपन्न अन्नकूट महोत्सव ने सनातन समाज में समरसता, सहयोग और आध्यात्मिक उत्थान का संदेश फैलाया। यह पर्व यह याद दिलाता है कि सच्ची भक्ति और निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से सनातनधर्मी एक विशाल परिवार के सदस्य हैं।
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