Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: साल में दो बार क्यों मनाई जाती है हनुमान जयंती! शक्ति, साहस और नकारात्मक ऊर्जा का होगा संचार, बन रहे हैं तीन शुभ योग

Asian News
Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti
X

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: धर्म डेस्क: इस साल छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी का पर्व 19 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा। यह दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि को आता है और दिवाली से एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन वीर हनुमान जी की पूजा करने का विशेष विधान है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार छोटी दिवाली की रात सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और इंद्र योग जैसे तीन शुभ संयोग बन रहे हैं।

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर दोपहर 3:44 बजे तक रहेगी। हनुमान पूजा का शुभ समय 19 अक्टूबर रात 11:41 बजे से 12:31 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजा करने से भक्तों को शक्ति, साहस और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती दो बार क्यों मनाई जाती है
हनुमान भक्त हर वर्ष दो बार उनके जन्मोत्सव का उत्सव मनाते हैं - एक बार चैत्र पूर्णिमा को, और दूसरी बार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को। दक्षिण भारत में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जी को पुनर्जन्म और दिव्य शक्तियों की प्राप्ति का दिन माना जाता है। वहीं उत्तर भारत में कार्तिक चतुर्दशी को हनुमान विजय महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा का महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, चतुर्दशी की रात नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। इसीलिए इस दिन हनुमान जी की पूजा से सभी भूत-प्रेत और नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं। भक्तों का विश्वास है कि हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने से घर में शक्ति, सुरक्षा और सौभाग्य का वास होता है।

Kartik Krishna Chaturdashi Hanuman Jayanti: अयोध्या में विशेष आयोजन
अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना होती है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम ने लंका विजय के बाद अयोध्या लौटने से पूर्व हनुमान जी को वरदान दिया था कि दीपोत्सव से पहले उनकी पूजा की जाएगी। तभी से हर वर्ष दिवाली से पहले छोटी दिवाली पर हनुमान पूजा की परंपरा चली आ रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019