यूरेशियन सामान्य छछूंदर (Eurasian common shrew) के बारे में वैज्ञानिकों को यह पता चला है कि यह अपने दिमाग को सिकोड़ लेता है। लंबे समय से वैज्ञानिक यह समझने में असमर्थ थे कि यह जानवर ऐसा क्यों करता है। अब वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि यह दिमाग को सिकोड़ने की प्रक्रिया ठंड से बचने के लिए होती है।
जब तापमान बहुत नीचे गिरता है, तो यह छछूंदर अपने दिमाग को सिकोड़कर ऊर्जा की बचत करता है। इससे इसके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और वह ठंड में भी जीवित रह पाता है। यह प्रक्रिया हाइबरनेशन के समान है, जो अन्य बड़े जानवर जैसे भालू और कुछ अन्य स्तनधारी ठंड के मौसम में करते हैं। हालांकि, ठंड से बचने के लिए यह छछूंदर अपने दिमाग को सिकोड़ने का तरीका अपनाता है, जबकि हाइबरनेशन में शरीर की गतिविधि लगभग पूरी तरह से रुक जाती है।
इस अद्वितीय व्यवहार ने वैज्ञानिकों को न केवल हैरत में डाला है, बल्कि यह उन्हें नई जानकारी प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित किया है। इस खोज से यह साबित हुआ है कि जीवों के अस्तित्व के लिए अनुकूलन की प्रक्रिया बहुत ही विविध और रोचक हो सकती है।