Cyber Crime : जंगल में बैठकर चल रहा था साइबर ठगी का खेल, 10 आरोपी गिरफ्तार, 22 मोबाइल और 19 सिम बरामद
देवघर में साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कस्टमर केयर अधिकारी बनकर OTP और बैंकिंग डिटेल्स हासिल करने का आरोप; दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल।

Cyber Crime : देवघर। श्रावणी मेला के बीच देवघर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर पुलिस ने पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल और सुनसान इलाके में बैठकर मोबाइल के जरिए साइबर ठगी कर रहे हैं। इसके बाद साइबर डीएसपी कैलाश महतो के नेतृत्व में टीम ने इलाके में छापेमारी की और संदिग्धों को दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट कंपनियों के कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। कैशबैक और आकर्षक ऑफर का झांसा देकर वे OTP और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद पीड़ितों के बैंक खातों से रकम निकालने का आरोप है।
कई नंबर पहले भी साइबर अपराध में इस्तेमाल
छापेमारी में बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की जांच में पुलिस को कई ऐसे नंबरों की जानकारी मिली है, जिनका इस्तेमाल पहले भी साइबर अपराध में किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार दास और रमेश कुमार दास पहले भी साइबर थाना मामले में जेल जा चुके हैं। अन्य आरोपियों की पहचान लॉबिंद दास, बबलू कुमार दास, झूलन दास, राहुल, सफाउल्लाह अंसारी, अजीत दास, आशीष दास और सिंटू कुमार के रूप में हुई है।
श्रद्धालुओं को भी निशाना बनाने की तैयारी
पुलिस का दावा है कि श्रावणी मेला के दौरान देवघर पहुंचने वाले बाहरी श्रद्धालु भी साइबर ठगों के निशाने पर थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी मेला अवधि में ठगी का दायरा बढ़ाने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।


