Jharkhand : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी घोषणा की है। निगम ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। यह वृद्धि घरेलू बिजली की दर में 2 रुपये प्रति यूनिट तक हो सकती है। इस फैसले का असर राज्य के करीब 41 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।
बिजली की सब्सिडी और मुफ्त यूनिट
राज्य सरकार हर महीने 41 लाख उपभोक्ताओं को 200 यूनिट बिजली मुफ्त प्रदान कर रही है। इस योजना पर हर महीने 344 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा, 200 से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 2.05 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाती है।
- 200 यूनिट तक उपभोक्ताओं को: बिजली मुफ्त मिलती है। इसमें एनर्जी चार्ज, फिक्स्ड चार्ज और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी भी शामिल हैं।
- 200 से 400 यूनिट उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को: 2.05 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी दी जाती है।
- 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को: 6.65 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली का भुगतान करना पड़ता है।
Jharkhand : बिजली चोरी और उसकी समस्या
राज्य में बिजली चोरी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। हर साल करीब 22,000 से ज्यादा लोग 45 करोड़ रुपये की बिजली चोरी करते हैं। इस वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए बिजली दरों में वृद्धि को आवश्यक बताया जा रहा है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने अपने प्रस्ताव में इस समस्या को भी प्रमुखता से रखा है।
जन सुनवाई और अंतिम निर्णय
JBVNL के इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय विद्युत नियामक आयोग द्वारा लिया जाएगा। इससे पहले अप्रैल 2025 में जन सुनवाई की जाएगी। इसके बाद जून 2025 में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
बिजली दरों में वृद्धि के कारण
JBVNL ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए हैं:
- बढ़ती सब्सिडी का बोझ: हर महीने 344 करोड़ रुपये मुफ्त बिजली पर खर्च किए जा रहे हैं।
- बिजली चोरी का बढ़ता मामला: 45 करोड़ रुपये का सालाना नुकसान हो रहा है।
- उत्पादन और वितरण लागत में बढ़ोतरी: बिजली की खरीद और वितरण पर बढ़ते खर्च का असर।
Jharkhand :उपभोक्ताओं पर प्रभाव
अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो घरेलू उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वित्तीय भार झेलना पड़ेगा। वर्तमान में जो उपभोक्ता 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए राहत जारी रहेगी। लेकिन 200 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों का सामना करना होगा।
झारखंड में बिजली दरों में वृद्धि को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुफ्त बिजली और सब्सिडी के कारण राज्य सरकार और बिजली वितरण निगम पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। बढ़ती लागत और बिजली चोरी से निपटने के लिए JBVNL ने यह प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इसका अंतिम फैसला जून 2025 में होगा। इस बदलाव के बाद राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को अपने खर्चों में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहना होगा।