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जल जीवन मिशन की जलन : छग विस के शीत सत्र के पहले दिन की गर्मी, PHE मंत्री अरुण के जवाब से असंतुष्ट दिखे अजय

Uma Verma
जल जीवन मिशन की जलन : छग विस के शीत सत्र के पहले दिन की गर्मी, PHE मंत्री अरुण के जवाब से असंतुष्ट दिखे अजय
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जल जीवन मिशन की जलन छग विस के शीत सत्र के पहले दिन की गर्मी, PHE मंत्री अरुण के जवाब से असंतुष्ट दिखे अजय

रायपुर। जल जीवन मिशन की जलन : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन सदन में जल जीवन मिशन की जलन साफ़ -साफ़ दिखाई दी। ध्यानाकर्षण के दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ये मुद्दा उठाया। PHE मंत्री अरुण साव ने इसका जवाब दिया, तो अजय चंद्राकर उनके जवाब से असंतुष्ट नज़र आये। आज सदन के पहले दिन ध्यानाकर्षण के दौरान क्या -क्या हुआ आइए आपको बताते हैं।

जल जीवन मिशन की जलन : विधायक ने किया अपने ही PHE मंत्री से दो -दो हाथ
ध्यानाकर्षण के दौरान वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा - धमतरी जिले के कई गांवों में गड़बड़ी की गई है। ग्रामीणों को नल कनेक्शन नहीं मिला है।

चंद्राकर के उक्त आरोप पर PHE मंत्री अरुण साव ने कहा- कोविड के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलंब हुआ। योजना के तहत अब तक 39 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिया गया है। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा- भारत सरकार की वेबसाइट और आपके द्वारा दिए आंकड़े में अंतर है। अजय चंद्राकर ने कहा- पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करनी चाहिये थी या टंकी, ढांचा का निर्माण करना था। श्री चंद्राकर ने इस संदर्भ में भारत सरकार की गाइड लाइन पूछी। तब PHE मंत्री अरुण साव ने कहा- पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था फिर ढांचा बनाए जाने का नियम है। मंत्री के इस जवाब पर अजय चंद्राकर ने कहा- कितने गांव में टंकी, ढांचा बिना जल स्त्रोत तलाशे तैयार हुए हैं। तब PHE मंत्री अरुण साव ने कहा- 994 टंकियां तैयार है, इनमें जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई ये योजना : चंद्राकर

भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के साथ भावना बोहरा और कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने भी जल जीवन मिशन योजना में अनियमितता का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया। चंद्राकर ने कहा- ये योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। तब डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा- विभाग तत्परता से काम कर रहा है। पिछली सरकार के दौरान योजना में 2 साल की देरी हुई। नये जल श्रोत भी निर्मित किए जा रहे हैं। 72 ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है। 9,234 मीटर पाइप लाइन भी बदले गये हैं।

उत्तर में कमिटमेंट खोज रहे थे विधायक चंद्राकर

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट अजय चंद्राकर ने कहा- 2 पेज के उत्तर में कोई कमिटमेंट नज़र नहीं आया है। पहले टंकी बनानी है, पाइप लाइन बिछाना है या जल श्रोत विकसित करना है? जवाब देते हुए अरुण साव ने कहा- हमारी सरकार बनने के बाद योजना को ठीक करने का काम किया गया है। पहले श्रोत बनना चाहिए फिर टंकी और पाइप लाइन का काम होना चाहिए। पिछली सरकार में यही गड़बड़िया हुईं। स्कीम दिसंबर 2024 तक है, अभी समाप्त नहीं हुई है।

चर्चा में भाग लेते हुए विधायक धरमजीत सिंह ने कहा- जल जीवन मिशन के नाम गांवों की गलियां- सड़कें खोद डाली हैं। ठेकेदार इसका निर्माण भी नहीं कर रहे। PHE मंत्री अरुण साव ने कहा- सड़कों का निर्माण ठेकेदार को करना है, अगर ठेकेदार निर्माण नहीं करता तो विभाग सड़कों का निर्माण करेगा।


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